इस मंदिर में आकर महज व्रत भर रखने से निसंतान दंपतियों की गोद भर जाती है। पढ़िए चमत्कारिक मंदिर की कहानी...
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महज इस व्रत को रखने से भर जाती है निसंतान दंपतियों की गोद
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 04 Sep 2017 08:58 AM IST
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Triyuginarayan Temple
- फोटो : amarujala
Triyuginarayan Temple
त्रियुगीनारायण में दो दिवसीय वामन द्वादशी मेले का शुक्रवार रात्रि को पंजाब से पहुंचे चार निसंतान दंपतियों सहित 65 दंपतियों ने मंदिर में संतान प्राप्ति के लिए उपवास रख जागरण किया। अगले दिन धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना में थाल दर्शन के लिए मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी।
triyuginarayana temple
शनिवार को पुजारी ने पूजा-अर्चना के उपरांत आराध्य का विशेष श्रृंगार किया। शुभ मुहूर्त पर दोपहर को भगवान नारायण और भैरवनाथ की भोग मूर्ति को चांदी के बड़े थाल में विराजमान कर मंदिर परिसर में लाया गया।
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त्रियुगी नारायण मंदिर
मंदिर की 21 परिक्रमा के उपरांत भगवान नारायण का जन्मोत्सव भी मनाया गया। थाल दर्शन के समय आराध्य अपने पश्वाओं पर अवतरित भी हुए और भक्तों को आशीर्वाद दिया। बाद में मंदिर में मोरू का विशाल पेड़ स्थापित किया गया, जिसमें धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा कर मेले का समापन हुआ।
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त्रिर्युगी नारायण
इस मौके पर पूर्व प्रधान दीनमणि गैरोला, परशुराम गैरोला, दलीप सिंह रावत, प्रधान शशी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य रामचंद्र सेमवाल, ग्राम प्रधान विजय लाल, आशीष समेत सोनप्रयाग, त्रियुगीनारायण, तोषी आदि गांवों के भक्त मौजूद थे।