भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से शनिवार को (आज) 331 युवा अफसर देश सेवा के लिए सेना की मुख्यधारा में जुड़ गए। इसके साथ ही मित्र राष्ट्रों के 42 कैडेट्स भी पास आउट हुए। पासिंग आउट परेड की सलामी इस बार सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडेय ने ली।
IMA POP 2023: सरहद की निगहबानी को तैयार...हिफाजत की ली सौगंध, तस्वीरों में देखें युवा अफसरों का उत्साह
इस बार चौथे नंबर पर उत्तराखंड, आबादी के लिहाज से अब भी अव्वल
इस बार भी उत्तर प्रदेश हर बार की तरह सबसे ज्यादा कैडेट्स देने वाला राज्य बना है। उत्तर प्रदेश के 63 कैडेट्स पासआउट होकर अफसर बनेंगे। जबकि, उत्तराखंड इस बार पहली बार की तुलना में दो पायदान पीछे खिसक गया है। पिछले साल जून की परेड में उत्तराखंड के कैडेट्स की संख्या 33 थी। जो इस बार घटकर 25 रह गई है। लेकिन, आबादी के लिहाज से देखें तो इस बार भी कैडेट्स देने वालों में उत्तराखंड अव्वल है। इस साल सिक्किम, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार से एक भी कैडेट आईएमए से पास आउट नहीं होगा। जबकि, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, असम, चंडीगढ़, गोवा, मणिपुर, ओडिसा व पुडुचेरी से एक-एक कैडेट भारतीय सेना का हिस्सा बनेगा।
किन राज्यों से कितने
| 1 | उत्तर प्रदेश | 63 |
| 2 | बिहार | 33 |
| 3 | हरियाणा | 32 |
| 4 | महाराष्ट्र | 26 |
| 5 | उत्तराखंड | 25 |
| 6 | पंजाब | 23 |
| 7 | हिमाचल प्रदेश | 17 |
| 8 | राजस्थान | 19 |
| 9 | मध्य प्रदेश | 19 |
| 10 | दिल्ली | 12 |
| 11 | कर्नाटक | 11 |
| 12 | झारखंड | 8 |
| 13 | तमिलनाडु | 8 |
| 14 | जम्मू कश्मीर | 6 |
| 15 | छत्तीसगढ़ | 5 |
| 16 | केरल | 5 |
| 17 | तेलंगाना | 3 |
| 18 | पश्चिम बंगाल | 3 |
| 19 | गुजरात | 2 |
| 20 | नेपाल मूल (भारतीय सेना) | 2 |
युद्ध स्मारक पर दी शहीदों को श्रद्धांजलि
आईएमए स्थित युद्ध स्मारक पर शुक्रवार को शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यहां तलवार से सलामी देते जेंटलमैन कैडेट की साढ़े सात फीट की कांस्य की प्रतिमा है। प्रतिमा के पिछले हिस्से में मेहराब बनाए गए हैं, जिन पर 898 बहादुर पूर्व सैनिकों के नाम उकेरे गए हैं। ये वे पूर्व जवान हैं, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: सहारा समूह में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर, जल्द ब्याज सहित वापस मिलेगी जमा राशि
भारतीय सैन्य अकादमी के युद्ध स्मारक का उद्घाटन 17 नवंबर 1999 को फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने किया था। युद्ध स्मारक पर 331 जेंटलमैन कैडेट्स ने भारतीय सेना के अधिकारियों के रूप में नियुक्त होने से पहले भारतीय सेना की समृद्ध परंपराओं को कायम रखने और राष्ट्र का झंडा हमेशा ऊंचा रखने का संकल्प लिया।