आगामी 14 मार्च से होलाष्टक लग रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन 8 दिनों में ग्रह अपना स्थान बदलते हैं। ग्रहों के इन बदलाव की वजह से होलाष्टक के दौरान किसी भी शुभ कार्य को शुरू नहीं किया जाता है। वर्तमान संवत्सर के विवाह अब केवल एक सप्ताह होंगे।
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Marriage
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होलाष्टक लगते ही विवाहों का यह वार्षिक कलेंडर समाप्त हो जाएगा। अब नया संवत लगने के बाद विवाहों का सीजन फिर शुरू होगा। इस बार जुलाई तक विवाह होते रहेंगे। बाद में देवशयन हो जाने के कारण विवाह चार महीनों के लिए बंद हो जाएंगे।
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couple end marriage
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विवाहों का यह सीजन विगत नवंबर में देवोत्थान एकादशी के लिए शुरू हुआ था। तब से पौष मास को छोड़कर लगातार विवाह हो रहे हैं। उत्तरायण लगने के बाद यज्ञोपवीत आदि मांगलिक कार्य भी प्रारंभ हो गए थे। विवाहों के इस सीजन में 25 शुद्ध और 36 सामान्य मुहूर्त आए।
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holika dahan
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अब इस महीने की 14 तारीख से होलाष्टक प्रारंभ हो रहे हैं। ये होलाष्टक 21 मार्च फाग तक चलेंगे। होलाष्टकों में किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य करना निषेध है। होलाष्टक समाप्त होने के बाद भी ज्योतिषीय दृष्टि से भद्रा की छाया बनी रहेगी। साथ ही चैत्र कृष्ण पक्ष भी प्रारंभ हो जाएगा। परिणामस्वरूप विवाहों के शुद्ध मुहूर्त पर विराम यथावत लगा रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित रवि शंकर जोशी के अनुसार वर्तमान संवत पांच अप्रैल को समाप्त हो रहा है। नया संवत चैत्र नवरात्र के साथ छह अप्रैल को प्रारंभ हो जाएगा। संवत के दौरान बगैर सुझाए विवाह भी किए जाते हैं। अलबत्ता नए वर्ष का विवाह कलेंडर संवत से शुरू होगा।