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Hit And Run law Protest: उत्तराखंड में दूसरे दिन भी थमे ट्रक-ऑटो को पहिए, हड़ताल से परेशान लोग...यात्री बेबस

Tue, 02 Jan 2024 10:44 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला उत्तराखंड
अमर उजाला उत्तराखंड Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 02 Jan 2024 10:44 AM IST
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Hit and run new law protest e-rickshaw and auto drivers strike in Uttarakhand people troubled
आईएसबीटी पर परेशान लोग। - फोटो : amar ujala

केंद्र सरकार की ओर से हिट एंड रन को लेकर बनाए जा रहे नए कानून के विरोध में वाहन चालक सड़क पर उतरे हैं। गढ़वाल विक्रम टेंपो वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से सर्वसम्मति से दो और तीन जनवरी को ऑटो और विक्रम संचालित न करने का फैसला लिया गया। हड़ताल के चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।



सोमवार को ऑटो और विक्रम चालकों ने वाहनों का संचालन खुद नहीं किया और दूसरों को भी नहीं करने दिया। हालत यह रही कि धर्मनगरी में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की हड़ताल के चलते वर्ष के पहले दिन गंगा स्नान और देव दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।

हर तरफ माथे पर सामान लादे लोग पैदल आवागमन करते दिखे। इक्का-दुक्का चालकों ने वाहन चलाने की कोशिश की तो उन्हें यूनियन के अन्य चालकों ने रोक दिया। पूरे दिन सड़क पर तमाशा चलता रहा। विरोध प्रदर्शन के दौरान वाहन चालकों ने कानून को वापस लेने की मांग की। 

Hit and run new law protest e-rickshaw and auto drivers strike in Uttarakhand people troubled
ऋषिकेश नटराज चौक पर खड़े ऑटो ड्राइवर - फोटो : amar ujala

हड़ताल पर ऑल इंडिया मोटर
ऑल ओवर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर राव अखलाक ने कहा कि ऑल इंडिया मोटर कांग्रेस के बैनर तले ट्रक चालक आज भी हड़ताल पर है। कहा कि सरकार ने 10 साल की सजा और पांच लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान वापस नहीं लिया तो मजबूरन हड़ताल करनी होगी। अकेले उत्तराखंड में पांच हजार से ज्यादा वाहनों के पहिए जाम हो जाएंगे।

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हड़ताल - फोटो : amar ujala

दूसरे राज्यों में जाने वाले वाहन भी फंसे

सिडकुल की कंपनी से रात में गाड़ी लोड होने के बाद अन्य राज्यों को जाने वाले वाहन जैसे ही सड़क पर निकले उन्हें आंदोलनकारी चालकों ने रोक दिया। वहीं, बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को भी सिडकुल में जाने से रोक दिया गया। करीब 2:30 बजे ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद यातायात सुचारू हो सका।

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हड़ताल - फोटो : amar ujala

वाहन चलाना छोड़ मजदूरी कर लेंगे लेकिन कानून बर्दाश्त नहीं करेंगे
वाहन खड़े कर आंदोलन कर रहे ट्रक चालक मुमताज अहमद, अकरम हुसैन, रिफाकत अली, राजेंद्र कुमार अत्री, शमशीद अली, भीम प्रसाद, सतपाल, अंकित, राजू, विशाल, सचिन, नईम, दीपक पाल, शौकीन, सुनील, आयुष, उत्कर्ष आकाश, बिट्टू, अवधेश यादव आदि ने केंद्र के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया। नारेबाजी के बीच इन्होंने कहा कि ट्रक चालक दस हजार रुपये की नौकरी करते हैं। उन्हें 10 वर्ष की सजा होगी और पांच लाख रुपये जुर्माना देना होगा तो वह गाड़ियों को चलाने से बेहतर दिहाड़ी मजदूरी कर लेंगे।

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हड़ताल

संगठन के पदाधिकारी बोले पीड़ा बयां कर रहे चालक

हरिद्वार ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष लज्जे राम अत्री ने कहा की सोमवार को जिस तरह से वाहन चालकों ने प्रदर्शन कर सड़क पर जाम लगा दिया। उससे साफ जाहिर है कि वाहन चालकों में हिट एंड रन कानून को लेकर रोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों ने बिना संगठन को बताए, सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, यह उनकी पीड़ा है। बल्कि जिस व्यक्ति का परिवहन विभाग ने लाइसेंस जारी कर दिया। यह उन सबकी पीड़ा बन चुकी है। वाहन चालक प्रत्येक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। आम आदमी के साथ सभी लाइसेंस धारी इस हिट एंड रन कानून की चपेट में आ रहे हैं।

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