देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों को लेकर बनाए गए नए ट्रैफिक प्लान का ट्रायल शुक्रवार को पहले के मुकाबले बेहतर रहा। व्यवस्था भांपने डीआईडी अरुण मोहन जोशी खुद मैदान में उतरे। गांधी पार्क का वन-वे थोड़ा राहत देने वाला जरूर रहा, लेकिन दूसरे क्षेत्रों में इसका विपरीत प्रभाव नजर आया। स्कूलों की छुट्टी के समय ईसी रोड और एमकेपी चौक आदि पर लगे जाम ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ाई। ईसी रोड सबसे चौड़ी मानी जाती है, लेकिन द्वारिका स्टोर से सर्वे चौक तक जाम ने चालकों को सर्दी में पसीने छुड़ाए।
पुलिस ने करीब दस दिन से गांधी पार्क के वन-वे को फोकस कर रखा है। सिपाही से अधिकारी दिन-रात वहां की व्यवस्थाओं को सुधारने में जुटे हैं। रविवार को पहला ट्रायल करने के बाद चौराहों पर तोड़फोड़ का काम चला। शुक्रवार को वन-वे का दूसरा ट्रायल हुआ तो बाहरी इलाकों में इसका सीधा असर नजर आया। स्कूलों की छुट्टी के समय हालात बेकाबू नजर आए। सर्वे चौक से ईसी रोड, द्वारिका स्टोर तक लंबा जाम लगा। ईसी रोड पर जाम के चलते एमकेपी चौक भी एक तरह से पैक नजर आया।
परेड ग्राउंड के पीछे लैंसडौन चौक पर काफी देर तक यातायात बाधित रहा। द्रोण चौक बंद होने के कारण तहसील चौक पर सबसे ज्यादा यातायात का दबाव रहा। ईसी रोड पर जाम के फोन खटकने शुरू हुए तो ट्रैफिक पुलिस ने मोर्चा संभाला। काफी देर बाद यातायात सामान्य हो पाया। इस संबंध में डीआईजी का कहना है कि स्मार्ट सिटी के तहत कई जगह खुदाई का काम चल रहा है। जिसकी वजह से ईसी रोड आदि क्षेत्रों में यातायात का दबाव रहा। नए ट्रैफिक प्लान से इसका कोई लेना देना नहीं है।
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि वन-वे प्लान का ट्रायल उम्मीद से बेहतर रहा। जो थोड़ी बहुत दिक्कत आई है, उसकी बड़ी वजह लोगाें को यातायात रूट की सही जानकारी न होना रहा है। गलत दिशा में चलने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। स्कूली बच्चाें के अलावा अन्य लोगों से हुई बातचीत में वन-वे को लेकर सुखद परिणाम आया है।
ट्रायल को लेकर पंपलेट, सोशल मीडिया, बोर्ड और फ्लैक्सी के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। ओरियंट चौक पर अवरोध बने बूथ को भी रात में हटा दिया जाएगा। पुलिस का पूरा फोकस वन-वे ट्रायल रहा है। छुट्टी के समय बाहरी इलाकों में यातायात का दबाव जरूर रहा। सोमवार को वर्किंग-डे पर प्लान को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।