हरिद्वार में पुराने औद्योगिक क्षेत्र में एक गुलदार आश्रम के बरामदे में बने स्टोर में घुस गया। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आश्रम के बाहर गुलदार देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। आश्रम संचालक ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की टीम ने करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को बेहोश कर काबू में किया। इस दौरान एक कर्मचारी घायल भी हो गया।
शनिवार को पुराने सर्वमंगला आयुर्वेदिक भवन शक्तिपीठ मां जानकी धाम आश्रम के संचालक बाबा गंगा नंद सुबह पूजा कर रहे थे। करीब 10 बजे उन्होंने आश्रम के बरामदे में गुलदार को टहलते देखा। पहले उन्होंने गुलदार के बाहर निकलने का इंतजार किया, लेकिन गुलदार बरामदे के किनारे बने स्टोर रूम में घुस गया। इसके बाद उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसी बीच आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व की टीम ने पहले आश्रम के बाहर जमा भीड़ को हटाया और गली में दोनों ओर से आवाजाही बंद कर दी। एक टीम ने पहले स्टोर की छत के ऊपर से जाल डाला जबकि दूसरी ने खुले स्टोर को प्लाइवुड से बंद किया, लेकिन गुलदार स्टोर रूम के एक कोने में दुबककर बैठ गया। काफी देर तक टीम गुलदार को बाहर लाने का प्रयास करती रही।
इस दौरान अचानक गुलदार बाहर की तरफ आया और कर्मचारी नंदकिशोर को घायल कर दिया। इसके बाद फिर कोने में जाकर बैठ गया। आखिरकार अधिकारियों ने गुलदार को बेहोश करने का निर्णय लिया। इसके लिए स्टोर रूम के बगल के शौचालय की दीवार तोड़ी गई। करीब तीन बजे चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कुमार ध्यानी ने गुलदार को बेहोश किया।
काफी प्रयासों के बाद भी जब गुलदार नहीं निकला तो वन विभाग की गाड़ी मंगाई गई। उससे स्टोर रूम में पानी की बौझार भी की गई, लेकिन गुलदार बाहर नहीं आया। फिर करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद गुलदार को पिंजरे में डाला गया।