हरिद्वार कुंभ में पहुंचे किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वक्त के साथ जमाना बदल रहा है। बदलाव ही प्रकृति का नियम है। किन्नर समाज के प्रति लोगों को भी अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। क्योंकि किन्नर भी समाज का हिस्सा हैं। किन्नरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है। इसके लिए सरकार को पहल करने की आवश्यकता है। सरकारी सिस्टम में किन्नर बच्चों को स्कूलों में शिक्षा और अस्पतालों में बिना भेदभाव इलाज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किन्नरों को अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए राजनीति में आना होगा। जब हर एक इच्छा प्रबल होगी तब वह भी चुनाव मैदान में उतरेंगी। जूना अखाड़े की पेशवाई में शामिल होने हरिद्वार पहुंची आचार्य महामंडलेश्वर ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि किन्नर कला और संस्कृति के संरक्षक रहे हैं। उनकी परंपराएं हजारों साल पुरानी हैं। किन्नर अखाड़ा अपनी परंपराओं को सहेज और देशभर के किन्नर समाज को जोड़ रहा है। त्रिपाठी बताती हैं, किसी भी समाज के विकास के लिए शिक्षा पहला पड़ाव है। किन्नर समाज के छोटे बच्चों को शिक्षा देना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कान्वेंट स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
कुंभ 2021: किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने बताई अपने जीवन की ऐसी बात कि नाज करेंगे आप
निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 04 Mar 2021 10:27 AM IST
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