केदारनाथ में दुग्ध गंगा से गरूड़चट्टी तक तीन ध्यान गुफाएं और बनाई गई है। वर्ष 2018 में यहां पहली ध्यान गुफा का निर्माण किया गया था, जिसके बाद अब यहां कुल चार ध्यान गुफाएं हो गई हैं। संचालन की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम को सौंपी गई है।
केदारनाथ पुनर्निर्माण में कृत्रिम गुफाओं का निर्माण भी शामिल है। इसके तहत वर्ष 2018 में निम द्वारा दुग्ध गंगा क्षेत्र में ध्यान गुफा का निर्माण किया गया था। जबकि बीते वर्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोक निर्माण विभाग, डिवीजन गुप्तकाशी द्वारा इसी क्षेत्र में तीन और नई गुफाएं बनाई गई हैं। प्रत्येक गुफा में बिजली, पानी व शौचालय की उचित व्यवस्था की गई है।
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दो मीटर लंबाई व तीन मीटर चौड़ाई में बनाई गई इन तीन गुफाओं के निर्माण में 27 लाख रुपये खर्च हुए हैं। प्रत्येक गुफा में एक-एक साधक ध्यान कर सकता है। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ने धाम पहुंचकर यहां लगभग 17 घंटे तक साधना की थी। जबकि पूरे यात्राकाल में 95 श्रद्धालुओं ने ध्यान गुफा में ध्यान व योग साधना की थी। इस दौरान गढ़वाल मंडल विकास निगम की एक लाख से अधिक की आय भी हुई। जबकि बीते वर्ष कोरोनाकाल में सीमित यात्रा के बीच 25 श्रद्धालुओं ने ध्यान गुफा में साधना की थी।
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केदारनाथ में गुफा
- फोटो : अमर उजाला
डीडीएमए-लोनिवि, गुप्तकाशी प्रवीण कर्णवाल का कहना है कि दुग्ध गंगा से गरूड़चट्टी तक तीन नई गुफाएं बनकर तैयार हो चुकी हैं, जिन्हें प्रशासन के हैंडओवर किया जा चुका है। साथ ही यात्रा के दौरान गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा इनका संचालन किया जाएगा। वहीं, केदारनाथ में पुनर्निर्माण के दूसरे चरण के कार्य 15 मार्च से शुरू हो जाएंगे।
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केदारनाथ में गुफा
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही यात्राकाल तक मंदाकिनी नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान के पुल का निर्माण पूरा कर गरूड़चट्टी को केदारनाथ से लिंक कर दिया जाएगा। कार्यदायी संस्थाओं के मजदूर दूसरे सप्ताह तक धाम पहुंच जाएंगे। केदारनाथ में खराब मौसम व बर्फबारी के कारण साढ़े तीन माह से सभी निर्माण कार्य बंद पड़े हैं।
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गुफा में चल रहा निर्माण कार्य
- फोटो : अमर उजाला
साथ ही धाम का जिला मुख्यालय से कोई संपर्क भी नहीं हैं, लेकिन अब मौसम में हो रहे सुधार को देखते हुए आगामी 15 मार्च से पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। डीडीएमए के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया दूसरे चरण में संगम घाट, मंदिर मार्ग पर रेन सेल्टर, क्यू-मैनेजमेंट का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा केदारपुरी में बिजली, पानी, संचार और सीवर लाइन को अंडर ग्राउंड किया जाएगा।
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केदारनाथ में ध्यान गुफा
- फोटो : अमर उजाला
प्रयास होगा कि कपाट खुलने तक मंदाकिनी नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान के पुल को जोड़ दिया जाए, जिससे इस बार गरूड़चट्टी के रास्ते भी श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच सके। वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि इस माह से धाम में आदिगुरू शंकराचार्य के समाधि स्थल के दूसरे चरण का कार्य शुरू किया जाएगा।