कभी अखाड़ों की शान रही हथिनी पवनकली की एक वर्ष पहले मौत हो गई थी। इस बार पेशवाई में उसकी जगह हथिनी लाडली को शामिल किया गया। लाडली आकर्षण का केंद्र बनी रही और उसने पवनकली की कमी नहीं खलने दी। पेशवाई वाले रास्ते पर श्रद्धालुओं ने लाडली की खूब आवभगत की और उसे केले व गुड़ खिलाया। श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा की हथिनी पवन कली धर्मनगरी के धार्मिक कार्यक्रमों की शान मानी जाती थी। वह सभी कार्यक्रमों में सज-धज कर चलती थी। इससे साधु-संत और अन्य लोग पवनकली को खूब प्यार करते थे। पिछले वर्ष दो मार्च को 80 वर्षीय पवनकली की कैंसर से मौत हो गई थी। बुधवार को निकली पहली पेशवाई पर पवनकली, साधु-संतों और हरिद्वार के लोगों को खूब याद आई। बुधवार को पवनकली तो नहीं थी, उसकी जगह नैनीताल के रामनगर से 35 वर्षीय हथिनी लाडली को पेशवाई के लिए लाया गया। लाडली भी पवनकली की तरह पेशवाई में सबसे आगे चल रही थी। लाडली के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए वन विभाग के पशु चिकित्सक अमित ध्यानी साथ साथ चल रहे थे। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैंकुलाइजर गन लेकर वन विभाग का कर्मचारी भी साथ था।
कुंभ 2021: ‘लाडली’ ने नहीं खलने दी ‘पवनकली’ की कमी, पेशवाई में बनी आकर्षण का केंद्र, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 04 Mar 2021 11:14 AM IST
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