शाही स्नान में जाने के लिए रोडवेज और निजी बसों से बड़ी संख्या में नारसन बॉर्डर पर पहुंचे श्रद्धालुओं को फजीहत झेलनी पड़ी। यहां श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन और कोरोना जांच के बाद ही हरिद्वार की ओर भेजा गया। वहीं, बॉर्डर पर श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते रजिस्ट्रेशन विंडो और कोरोना जांच बूथों पर लंबी लाइन लगी रही। ऐसे में श्रद्धालुओं को घंटों तक धूप में खड़ा होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान 15 श्रद्धालु पॉजिटिव मिले।
महाकुंभ: शाही स्नान में जाने के लिए नारसन बॉर्डर पर उमड़ी भीड़, घंटों बाद हुआ रजिस्ट्रेशन, मिले 15 पॉजिटिव, तस्वीरें...
बॉर्डर पर यह रही स्थिति
कोरोना जांच- 2766
जांच रिपोर्ट लेकर आए- 5425
थर्मल स्क्रीनिंग और रजिस्ट्रेशन- 8193
बसें वापस लौटाई- 13
पॉजिटिव मिले -15
वहीं, बॉर्डर पर कोरोना जांच बूथों और रजिस्ट्रेशन विंडों पर शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ती रहीं। लाइन में लगे लोग एक-दूसरे से भिड़ते नजर आए। इस दौरान पुलिस ने शारीरिक दूरी नियम का पालन करने की कई बार हिदायत दी, लेकिन लाइन में लगे लोगों की भीड़ कम नहीं हुई।
मुजफ्फरनगर की ओर से निजी बसों से आए श्रद्धालुओं को बस चालकों ने यूपी के फलौदा में उतार दिया। ऐसे में इन बसों में सवार होकर आए यात्रियों को फलौदा से नारसन बॉर्डर तक पांच किलोमीटर पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। दरअसल, मुजफ्फरनगर से कुछ निजी बसें फलौदा तक ही सवारी लेकर आ रही हैं। यहां से बसें वापस मुजफ्फरनगर लौट रही हैं। इसके कारण इनमें सवार श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शाही स्नान को देखते हुए हल्के फोर व्हीलर वाहनों को फलौदा से हरिद्वार भेजा गया। किसी भी फोर व्हीलर वाहन को नारसन बॉर्डर पर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, स्थानीय फोर व्हीलर वाहनों को नारसन बॉर्डर से गुजरने की अनुमति थी। स्थानीय लोगों के पुलिस की ओर से आधार कार्ड चेक किए गए। इसके बाद ही उन्हें एंट्री दी गई।