धर्मनगरी में बृहस्पतिवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश से उत्तरी हरिद्वार में भारी नुकसान हुआ है। शुक्रवार सुबह भीमगोडा क्षेत्र में काली मंदिर पर पहाड़ से मलबा गिर गया। गनीमत यह रही कि उस वक्त वहां कोई नहीं था। खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट के पास ऊर्जा निगम का 132 केवी का टावर आधार हिलने से झुक गया है। वहीं, शिवालिक पर्वत पर भूस्खलन से हरकी पैड़ी से खड़खड़ी तक आबादी पर खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश से कई मवेशियों के भी बहने की सूचना है। उधर, पथरी रेलवे स्टेशन के आसपास सैकड़ों घरों में पानी भरने के कारण कई परिवारों को छत पर रात बितानी पड़ी। शुक्रवार दोपहर तक लोग घरों से पानी निकालते रहे। बहादराबाद, धनौरी और श्यामपुर आदि क्षेत्रों में भी बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हरिद्वार: भूस्खलन से मंदिर पर गिरा मलबा, बारिश से लगातार उफान पर गंगा, अलर्ट जारी
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बीती रात करीब दस बजे पहले धीमी और बाद में मूसलाधार बारिश का असर उत्तरी हरिद्वार में ज्यादा देखने को मिला। राजाजी पार्क से निकलने वाली सूखरो नदी हाईवे और खड़खड़ी में पुल के ऊपर से होकर बहती रही। पानी के वेग से नींव बहने के कारण सूखी नदी में ऊर्जा निगम के 132 केवी का ऊपर से झुक गया है। इसी पुल पर कौरा देवी कॉलोनी की तरफ सड़क और दीवार बहने से दो ट्रांसफार्मर हवा में झूल रहे हैं। उधर, हिल बाईपास से गिरे मलबे से भीम कुंड में सिल्ट भर गया है। रेलवे लाइन के ऊपर काली मंदिर के समीप भी काफी भूस्खलन हुआ। रेलवे की सुरंग के ऊपर भी चट्टान हिल गई है। डेंजर जोन में कांगड़ा मोड़ के ऊपर चट्टान खोदकर बनी बिल्डिंग के पास से भी सड़क पर पत्थर गिरे हैं। हरकी पैड़ी के समीप चट्टान गिरने और भूस्खलन से खतरा और बढ़ गया है। एहतियातन पुलिस ने आधी सड़क को बंद कर दिया है। वहीं, भूस्खलन से हनुमान मंदिर और सुलभ शौचालय भी खतरे की जद में आ गए हैं।
सप्तसरोवर रोड पर कई स्थानों पर कीचड़ भर गया है। इसी क्षेत्र में हाईवे से केले वाली पुलिया का 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा नाला ओवरफ्लो होने से भारतमातापुरम् कॉलोनी जलमग्न हो गई। घरों के आगे पानी भरने लोगों परेशानी का सामान करना पड़ा। नवीन पंत और उनके भाइयों के परिवार ने पूरी रात मुसीबत में काटी। नरेश गिरि के घर के आगे तक सड़क पर दो फीट पानी भरा रहा। नेपाली गली में भी कीचड़ भर गई है। इसके अलावा मध्य हरिद्वार में भी कई घरों में नालियाें के ओवरफ्लो होने से पानी भरा गया। कनखल में लाटोवाली और बैरागी कैंप के कई घरों में पानी भरने से लोगों का सामान खराब हो गया।
चंडीदेवी मंदिर के पहाड़ से मलबा आने से हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे बृहस्पतिवार रात को बंद रहा। सूचना मिलने पर एसओ सुखपाल सिंह मान तुरंत पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए हरिद्वार आ रहे यातायात को तिरछे पुल से डायवर्ट करते हुए पूर्वी गंगनहर पटरी से होते हुए चंडीघाट चौकी तरफ भेजा। ठीक ऐसे ही नजीबाबाद की ओर जा रहे यातायात को चंडीघाट चौकी, हनुमान मंदिर, पूर्वी गंगनहर पटरी से होते हुए तिरछे पुल की तरफ निकाला। सुबह को मलबा हटाने के बाद ही यातायात सुचारु हो सका।
बृहस्पतिवार देर रात को वज्रपात से बैरागी कैंप में वन गुर्जरों की 8 भैंसों की मौत हो गई। वन गुर्जर परिवारों ने जिलाधिकारी से उचित मुुआवजा दिलाने की मांग की है। बैरागी कैंप में ठोकर नंबर दस पर रहकर भैंस पालकर जीवन यापन कर रहे वन गुर्जरों के दो परिवारों पर वज्रपात कहर बनकर टूटा। वन गुर्जर शफी ने बताया कि उसकी तीन भैंसे खुले में बंधी हुई थी, अचानक से वज्रपात होने से तीनों भैंस चपेट में आ गई और उनकी मौत हो गई। वहीं गुलाम हुसैन की भी पांच भैंस भी वज्रपात की चपेट में आ गई।