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हनुमान जयंती 2018: आज शुभ मुहूर्त में ऐसे करें संकटमोचन की पूजा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट

Tue, 06 Nov 2018 05:15 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 06 Nov 2018 05:15 AM IST
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Hanuman jayanti 2018 Naraka Chaturdashi puja shubh muhurat
lord hanuman

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी नरक चतुर्दशी कहलाती है। छह नवंबर को कार्तिक कृष्ण नरक चतुर्दशी के साथ ही हनुमान जयंती भी मनाई जाएगी। मान्यता है कि सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान किया जाता है। अभ्यंग स्नान का शुभ मुहूर्त सुबह 5: 08 बजे से 6:44 बजे तक रहेगा। स्नान से पहले शरीर की तिल के तेल से मालिश करते हैं। 

Hanuman jayanti 2018 Naraka Chaturdashi puja shubh muhurat
laxmi - फोटो : file photo

माना जाता है कि इस तेल में लक्ष्मी, घर के जल में गंगा का वास होता है। मंगलवार को शाम 5:56 बजे से रात 12:22 बजे तक हनुमान जी आराधना व दस महाविद्या पूजा करने का शुभ मुहूर्त रहेगा। ज्योतिषाचार्य गौरव आर्य ने बताया कि नरक चतुर्दशी पर हनुमान जी की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है। 

Hanuman jayanti 2018 Naraka Chaturdashi puja shubh muhurat
diwali

इसके अगले दिन दीवाली पर शाम को पूजन में रोली, कुमकुम, चावल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, गुग्गल धूप, 11 दीपक, रुई, कलावा, नारियल, शहद, दही, गंगाजल, गुड, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूं, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, घृत, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे, गंगाजल, यज्ञोपवीत, श्वेत वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, शंख, लक्ष्मी व गणेश की मूर्ति, आसन, थाली, चांदी का सिक्का आदि वस्तुओं को पूजन के समय रखना चाहिए। 

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Hanuman jayanti 2018 Naraka Chaturdashi puja shubh muhurat
diwali 2018

जिसके बाद जल पात्र से थोड़ा सा जल लेकर और मंत्र का जाप कर मूर्तियों पर जल छिड़कना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले भगवान गणेश और गौरी का पूजन करना चाहिए, जिसके बाद वरुण पूजा यानी कलश पूजन करना चाहिए। तिल के तेल के सात, 11, 21 या इनसे अधिक दीपक थाली में रखकर कर पूजन करनी चाहिए। 

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पूजन के बाद घर की महिलाएं अपने हाथ से सोने चांदी के आभूषण आदि सुहाग की सामग्रियां लेकर मां लक्ष्मी को अर्पित करती हैं। दीवाली की रात भी लक्ष्मी के सामने साबुत धनिया रखकर पूजा की जाती है। जो अगले दिन उस धनिया को गमले में या बाग में बिखेर दें। माना जाता है कि साबुत धनिया से पौधा निकल आता है, जिससे आर्थिक स्थिति ठीक होती है। 

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