हल्द्वानी में गौलापार किशनपुर रेंज के दानीबंगर क्षेत्र में घास काटने गई दो महिलाओं पर मंगलवार सुबह दस बजे बाघ ने हमला कर दिया। दोनों का सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वन विभाग के अधिकारी अब तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि हमला करने वाला जानवर तेंदुआ था या बाघ। हालांकि महिलाओं का कहना है कि वो बाघ ही था।
उत्तराखंड: घास काटने जंगल गई महिलाओं पर बाघ ने किया हमला, उसके बाद जो हुआ तस्वीरों में देखें...
मंगलवार को सुबह कलीपुर दानीबंगर में रहने वाली खष्टी देवी पत्नी चंदन सिंह (32) और मूठपुर शास्त्री फार्म निवासी मुन्नी देवी पत्नी भैरव दत्त (42) करीब 15 महिलाओं के साथ किशनपुर रेंज के दानी बंगर मुख्य मार्ग से 100 मीटर दूर जंगल में घास लेने गई थीं। अचानक वहां बाघ ने मुन्नी देवी और खष्टी देवी पर हमला कर दिया। महिलाओं के शोर मचाने पर बाघ भाग गया। ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजा।
उधर, बुधवार सुबह प्रतापपुर गौलापार के महेश चंद्र के आंगन से बाघ गाय को उठा ले गया। ग्रामीणों ने जंगल में गाय के शव को बरामद किया। तराई पूर्वी वन प्रभाग के एसडीओ ध्रुव सिंह मार्तोलिया का कहना है कि दोनों महिलाओं की हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि हमला करने वाला जानवर बाघ था या तेंदुआ। वन विभाग की टीम इस क्षेत्र में गश्त कर रही है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष में कई लोगों की मौत हुई है। पश्चिमी वृत्त के अंतर्गत आने वाले इलाके में 17 महीने में 26 लोगों की मौत हुई है। इसमें तेंदुओं के हमले में कई लोग मारे गए हैं। पश्चिमी वृत्त के अंतर्गत रामनगर, तराई पूर्वी, तराई केंद्रीय, हल्द्वानी और तराई पश्चिमी वन प्रभाग आता है। इन प्रभागों से जुड़े आबादी वाले इलाकों में भी मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं होती रही है। इसमें तेंदुआ, बाघ और हाथी के हमले में कई लोग हताहत होते हैं। पश्चिमी वृत्त कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 में वन्यजीव हमले की 29 घटनाएं हुई, इसमें 14 लोगों की मौत हुई। इस साल अप्रैल से अगस्त तक ही 17 घटना हो चुकी है, इसमें 12 लोगों की मौत हुई है।
समाजसेवी नीरज रैक्वाल ने बताया कि काफी समय से बाघ गांव के आसपास देखा गया है। इसके बाद भी वन विभाग लापरवाह बना हुआ है। पूर्व ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी ने घायल महिलाओं को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं, तराई पूर्वी वन प्रभाग गौला रेंज के चौडाघाट क्षेत्र में तेंदुए का शव मिलने से हड़कंप मच गया। पोस्टमार्टम में तेंदुए की मौत के कारणों पता नहीं चल पाया। है। वन विभाग ने तेंदुए का विसरा जांच के लिए आरवीआई बरेली भेज दिया है। रेंजर आरपी जोशी ने बताया कि यह नर तेंदुआ है। इसकी उम्र चार से पांच साल बताई जा रही है। उसके दांत और नाखून समेत सभी अंग सुरक्षित है।