शहीद हमीर सिंह पोखरियाल के पिता जयेंद्र सिंह पोखरियाल ने केंद्र सरकार के सामने अपनी एक मांग रख दी है। लेकिन यह मांग केवल एक शहीद के पिता की नहीं है, पूरे देश की है।
गुरेज एनकाउंटर: शहीद हमीर सिंह के पिता ने केंद्र सरकार से रखी मांग, कहा ऐसे सिखाएं पाक को सबक
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पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए आर-पार की लड़ाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के सपूतों की शहादत से अच्छा है कि पाकिस्तान को घर में घुसकर सबक सिखाया जाना चाहिए। इसके बाद ही वह अपनी नापाक हरकतों से बाज आएगा। बता दें, शहीद हमीर सिंह पोखरियाल (27) 36 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे और जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा के गुरेज सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
शहीद हमीर सिंह पोखरियाल पुत्र जयेंद्र पोखरियाल मूलरूप से पोखरियाल गांव (उत्तरकाशी) के रहने वाले थे। बेटे की शहादत की सूचना के बाद एसएसबी में तैनात एसआई जयेंद्र सिंह पोखरियाल बुधवार को गुमानीवाला स्थित अपने घर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान जयेंद्र सिंह ने बेटे की शहादत पर गर्व जताया और पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया।
जयेंद्र पोखरियाल ने कहा कि भारत के सपूतों की कुर्बानी को रोकने के लिए पाकिस्तान से एक बार फिर आर-पार की लड़ाई जरूरी हो गई है। तभी उसके नापाक मनसूबों को नाकाम किया जा सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार को भारतीय सेना को महज सात दिन का समय देना चाहिए। इसके बाद देश के वीर जवान पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर सबक सिखाएंगे। वहीं, बातचीत के दौरान शहीद हमीर सिंह के भाई सुनील सिंह पोखरियाल गुमशुम होकर भाई की तस्वीरों को देखते रहे।
गुमानीवाला के शहीद हमीर सिंह पोखरियाल और कोटद्वार के शहीद मनदीप का पार्थिव शरीर बुधवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट लाया गया। इस अवसर पर शहीद हमीर सिंह पोखरियाल को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। एयरपोर्ट पर ही दोनों शहीदों को सेना के जवानों ने सलामी दी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीदों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट भी मौजूद रहे थे। यहीं से शहीद मनदीप का पार्थिव शरीर हेलीकाप्टर से कोटद्वार रवाना हुआ और शहीद हमीर सिंह पोखरियाल का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से गुमानीवाला उनके आवास पर पहुंचाया गया।