वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सरकार एक ओर तो बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार कर रही है, लेकिन दूसरी ओर प्रदेश में अभी तक कई सरकारी विभाग इससे अनजान हैं। पढ़ें, अमर उजाला पर पड़ताल...
जीएसटी पर जानिए उत्तराखंड सरकार का हाल, सरकारी महकमे अनजान
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत सरकार एक ओर तो बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार कर रही है, लेकिन दूसरी ओर प्रदेश में अभी तक कई सरकारी विभागों ने जीएसटी का पंजीकरण तक नहीं कराया है। कुछ विभागों को तो इसकी जानकारी भी नहीं है कि उन्हें पंजीकरण कराना है।
जिन्होंने पंजीकरण करा लिया है, उन्हें किससे और कैसे जीएसटी लेना है, इसकी तक जानकारी नहीं है। इन विभागों में अब तक जीएसटी लागू नहीं होने से लोगों को इससे जुड़ी राहत नहीं मिल पा रही है। दून में जीएसटी को लेकर सरकारी महकमों की पड़ताल करती एक रिपोर्ट...
एमडीडीए सचिव पीसी दुमका ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार, एमडीडीए ने जीएसटी में पंजीकरण करा लिया है। जीएसटी लागू होने के बाद जो भी काम और लेन-देन होगा, उस पर नियमानुसार टैक्स लगाया जाएगा। एमडीडीए से जुड़े ठेकेदारों को लिखित में बता दिया गया है कि जीएसटी में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करा लिया जाए। पब्लिक सेक्टर से जुड़े कार्यों पर जीएसटी के असर पर तस्वीर आने वाले दिनों में साफ हो पाएगी। अभी कुछ भी कहना मुमकिन नहीं है।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने भी वस्तु एवं सेवा कर में पंजीकरण करा लिया है। मुख्य अभियंता एके सिंह ने बताया कि पंजीकरण नंबर भी प्राप्त हो गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी जीएसटी कहां और कैसे लगाना है, इसकी जानकारी आनी बाकी है। जीएसटी लागू होने के बाद ट्रांसफार्मर, बिजली लाइन, खंभों और मीटर के दाम बढे़गे या नहीं, अभी स्थिति साफ नहीं है। जीएसटी से उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा और क्या नहीं। आगे पता चल पाएगा।
आवास विकास परिषद और सूडा ने अभी तक जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराया है। आवास विकास सचिव अमित नेगी का कहना है कि जीएसटी में पंजीकरण के लिए कोई डेटलाइन नहीं है। जब लेन-देन करना होगा, तभी पंजीकरण करा लिया जाएगा। आवास विकास और सूडा की पंजीकरण कराने की प्रक्रिया चल रही है।