उत्तराखंड के चमोली जिले में बारिश और बर्फबारी ने शादी समारोह में भी खलल डाल दिया। लेकिन ये शादी चर्चा का विषय बनी रही। घाट विकास खंड के रामणी गांव में सड़क पर बर्फ जमने के कारण दूल्हे को बरातियों के साथ बर्फबारी के बीच पैदल ही दुल्हन लेने जाना पड़ा।
रामणी गांव के राजेंद्र सिंह नेगी की शादी विकास खंड के चरबंग गांव की शोभा के साथ तय हुई थी। शुक्रवार को बरात ने चरबंग गांव जाना था। लेकिन घाट-रामणी सड़क पर बर्फ जमने के कारण बरात सिर्फ चार किलोमीटर तक ही वाहन से जा सकी। इसके बाद 16 किलोमीटर की दूरी दूल्हे ने कभी घोड़ी तो कभी पैदल चलकर तय की।
ढोल दमाऊ के साथ बर्फ में पैदल चलकर दूल्हा बरातियों संग दुल्हन को लेने चरबंग गांव पहुंचा तो हर कोई देखता रह गया। बर्फबारी के बीच ही राजेंद्र और शोभा की शादी की रश्में संपन्न हुई। बर्फबारी के बीच ही दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रह है।
उधर, क्षेत्र में दिनभर रही बर्फबारी से बरातियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश व बर्फबारी से हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। जिले के लगभग 135 गांव बर्फ के आगोश में समा गए हैं। बर्फबारी से निजमूला घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी, पगना, गैरसैंण के दिवालीखाल, भराड़ीसैंण, पोरवाड़ी गांव के साथ ही 25 अन्य गांवों में शुक्रवार को विद्युत सप्लाई ठप पड़ गई है।
वहीं, गोपेश्वर, जोशीमठ, पीपलकोटी, घाट और पोखरी क्षेत्र में भी दिनभर बिजली की आंखमिचौली जारी रही। चमोली-मंडल-ऊखीमठ, जोशीमठ-औली, जोशीमठ-मलारी, बदरीनाथ हाईवे हनुमान चट्टी से आगे, घाट-रामणी और गैरसैंण-दिवालीखाल सड़क अवरुद्ध हो गई हैं। बदरीनाथ धाम में छह फीट, हेमकुंड साहिब में सात फीट और औली में डेढ़ फीट बर्फ जम गई है।