गंगोत्री हाईवे पर सोमवार देर रात हुए हादसे में चार जिंदगियां जिंदा दफन हो गई। हादसे में बाल-बाल बची कृति सोलंकी हादसे को याद कर कांप उठती हैं। अपने परिवार के सभी सदस्यों के जिंदा बचने पर बार-बार भगवान का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रही है। जिला अस्पताल में भर्ती कीर्ति ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि महज 30 सेकेंड में उनका वाहन बोल्डर और मलबे से क्षतिग्रस्त हो गया। वाहन में सवार एक महिला ने जैसे बाहर उतरने के लिए गाड़ी का दरवाजा खोला एक बोल्डर ने उसे कुचल दिया।
Haridwar: कांवड़ियों के वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, पिता और एक साल की बेटी समेत तीन की दर्दनाक मौत
मध्य प्रदेश के इंदौर की निवासी कृति सोलंकी (28) अपने पति व दो बच्चों के साथ गंगोत्री धाम की यात्रा पर आई हैं। वे कुल 21 यात्रियों के साथ एक टैम्पो ट्रेवलर वाहन में सवार थे। सोमवार शाम को वे गंगोत्री धाम के दर्शन कर उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए।
आधे रास्ते के बाद अचानक बारिश शुरू हो गई। उनका वाहन जैसे ही गंगनानी पुल से पहले पहुंचा तो बारिश और तेज हो गई। इस बीच कुछ बाइक सवार कांवड़िए उनके वाहन के आगे चल रहे थे। चालक ने कांवड़ियों को पहले जाने देने के लिए वाहन रोका इसी दौरान वाहन के ऊपर कुछ पत्थर गिरे। यह देखने के लिए कीर्ति के पति संतोष सोलंकी सहित तीन लोग गाड़ी से नीचे उतरे।
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गंगोत्री हाईवे पर यात्रियों के वाहन मलबे में दबे
- फोटो : अमर उजाला
कृति ने बताया उन्हें नीचे उतरते देख महिला यात्री पुष्पा चौहान ने जैसे ही गाड़ी का दरवाजा खोला अचानक पहाड़ी से बोल्डर उसके ऊपर गिर गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बोल्डर की चपेट में आने से वाहन चालक रवि बघेल ने भी दम तोड़ दिया।
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गंगोत्री हाईवे पर यात्रियों के वाहन मलबे में दबे
- फोटो : अमर उजाला
कीर्ति का कहना है कि उनके वाहन के आगे बाइक सवार कांवड़िए नहीं आते तो वाहन सकुशल निकल गया होता। हादसे से डरी कीर्ति ने शासन-प्रशासन से सावन के महीने में यात्रा पर रोक लगाने की मांग की जिससे इस तरह के हादसे फिर कभी न हो।
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गंगोत्री हाईवे पर हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में संतोष सोलंकी ने अपने परिवार के साथ कई जिंदगियां बचाई। वह टेम्पो ट्रेवलर वाहन में फंसे यात्रियों के लिए फरिश्ता बनकर आए। अचानक पहाड़ी से गिर रहे झरने का पानी बढ़ने और मलबे के साथ पत्थर गिरने पर संतोष ने बिना समय गंवाए हिम्मत दिखाते हुए वाहन की खिड़की के कांच तोड़कर एक-एककर सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी संतोष सोलंकी (37) पत्नी व दो बच्चों के साथ उस वाहन में सवार थे जो गंगनानी में मलबे और बोल्डर की चपेट में आया।
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गंगोत्री हाईवे पर यात्री का शव
- फोटो : अमर उजाला
संतोष ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि जब वह गंगोत्री से दर्शन कर लौट रहे थे तो गंगनानी पुल से पहले एक झरने में पानी का बहाव तेज था। इस बीच गाड़ी पर कुछ पत्थर गिरे। यह देखने के लिए संतोष तीन अन्य यात्रियों के साथ नीचे उतरे। वे जैसे ही नीचे उतरे तभी झरने से भारी मात्रा में पानी, मलबा और बोल्डर गिरने लगे। तब संतोष ने हिम्मत दिखाते हुए वाहन के कांच तोड़कर अपने परिवार के साथ एक-एक कर कई यात्रियों को बाहर निकाला जिसमें वे चोटिल भी हुए।