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इलाहाबाद से आगे सूखने लगी गंगा, बचाने को चीन से लेना होगा सबक
Mon, 04 Jan 2016 08:29 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 04 Jan 2016 08:29 AM IST
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इलाहाबाद से आगे सूखने लगी गंगा, बचाने को चीन से लेना होगा सबक
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इलाहाबाद से गंगा सागर तक 148 जगहों पर गंगा नदी सूखने की तरफ बढ़ रही है। आईआईटी वैज्ञानिकों के अनुसार गंगा को पुनर्जीवित करने के लिए हमें चीन से सबक लेने की जरूरत है।
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गंगा के पुनर्जीवन का सपना तब तक साकार नहीं हो सकता जब तक इसमें हर साल बहकर आने वाली 500 मिलियन मीट्रिक टन सिल्ट की समस्या का समाधान नहीं होता।
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सिल्ट के चलते ही इलाहाबाद से गंगा सागर तक 148 जगहों पर गंगा नदी सूखने की तरफ बढ़ रही है। आईआईटी वैज्ञानिक प्रो. नयन शर्मा ने बताया कि गंगा में बहकर आने वाली सिल्ट के कारण इलाहाबाद से आगे 148 जगहों पर पानी की गहराई डेढ़ से दो मीटर तक सिमट गई है।
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इससे जहां गंगा की अविरलता को खतरा पैदा हो रहा है वहीं इसमें पानी के जहाज चलाने की योजना भी साकार होती नहीं दिख रही। उन्होंने बताया कि चीन ने काफी पहले इस समस्या का समाधान कर लिया है।
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चीन में गंगा जितनी विशाल यांग्त्से नदी में भी यही समस्या थी। यहां पहले हर साल 480 मिलियन मीट्रिक टन सिल्टबहकर आती थी जो अब 156 मिलियन मीट्रिक टन तक सिमट कर रह गई है। जबकि गंगा में हर साल 500 और ब्रह्मपुत्र में 600 मिलियन मीट्रिक टन रेत आ रही है।
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