गायों को चरान के लिए जंगल की ओर ले जा रहा देवर गांव का एक युवक घिंघराण बाजार के समीप उफनते गदेरे में बह गया। लेकिन तभी गब्बर भगवान बनकर वहां आ गया। उसने युवक का रेस्क्यू कर उसकी जिंदगी बचाई।
बुधवार को तड़के से ही घिंघराण क्षेत्र के जंगलों में भारी बारिश हो रही थी, जबकि निचले क्षेत्रों में धीमी बारिश हो रही थी। तभी वह गदेरे में बह गया। करीब एक किलोमीटर तक बहने के बाद साथी युवाओं ने उसे बचा लिया। घायल अवस्था में युवक को जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
सुबह साढ़े आठ बजे देवर गांव निवासी उद्धव प्रसाद भट्ट (32) पुत्र भोला प्रसाद भट्ट रोज की तरह अपनी गांवों को चरान के लिए जंगल की ओर ले जा रहा था। घिंघराण बाजार के समीप उफनते छोड़ा गदेरे को पार करते समय उद्धव बह गया।
उसके चिल्लाने पर आसपास मौजूद स्थानीय गब्बर सिंह, सोबत सिंह, उदय सिंह, प्रेम सिंह, सैन सिंह और गोविंद लाल अपनी गायों को रास्ते में ही छोड़कर गदेरे की ओर भागे। करीब एक किलोमीटर तक उद्धव गदेरे के तेज बहाव में बहता रहा और उसे बचाने के लिए स्थानीय लोग भी गदेरे के किनारे से भागते रहे।
करीब आधा घंटे बाद घिंघराण गांव के निचले क्षेत्र में चट्टान से कुछ ही दूरी पर ग्रामीण गब्बर सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना गदेरे में छलांग मार दी और बह रहे उद्धव को एक पत्थर के सहारे टिका दिया। गदेरे के किनारे मौजूद अन्य ग्रामीण भी एक दूसरे का हाथ पकड़कर गब्बर सिंह तक पहुंचे और उद्धव को गदेरे से बाहर निकाल निकाल लिया गया।