जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले में मारे गए 17 जवानों के मौत की खबर सुनकर पूर्व सैनिकों और शहीद के परिजन काफी गुस्से में हैं।
#UriAttack: टूटा पूर्व सैनिकों का सब्र, बोले अब जवाब देने का वक्त
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इन लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द पाकिस्तान को इस कृत्य का माकूल जवाब देना चाहिए। इन लोगों का कहना है कि जवाब देने में अगर देरी की गई तो भारतीय सैनिकों का मनोबल कमजोर होगा।
सेवानिवृत्त ले. जनरल मोहन भंडारी ने कहा कि बहुत समय से पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। इसके लिए सरकार को अब कड़ा कदम उठाना होगा। इस बार हमारी कमजोरी साबित नहीं होनी चाहिए।
वहीं बिग्रेडियर केजी बहल ने कहा कि यह समाचार देश के लिए अति दुखद है। सरकार को अब इस पर कोई ठोस नीति बनानी होगी। इस पर कोई ढुलमुल रवैया नहीं होना चाहिए।
करगिल ले. भंडारी का कहना है कि उड़ी में सेना के कैंप पर जो हमला हुआ, उसके लिए पाकिस्तान के साथ जम्मू-कश्मीर को लेकर चल रही राजनीति भी जिम्मेदार है।