जम्मू में फिदायीन हमले के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने बार्डर में चौकसी बढ़ा दी है। विशेषकर नेपाल से भारत आने वालों की सीमा पर सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। कमांडेंट केसी राणा के निर्देश पर एसएसबी द्वारा समूचे बार्डर में कांबिंग शुरू कर दी है।
#UriAttack: जम्मू में हिदायीन हमले के बाद नेपाल बॉर्डर से भारत को खतरा, सुरक्षा तंत्र अलर्ट
पूर्णागिरि मार्ग के बूम में तैनात एसएसबी की 57 वीं वाहिनी की सी कंपनी ने जवानों ने रविवार की सुबह से नेपाल बार्डर में सघन कांबिंग की। इधर, बनबसा में एसएसबी 57 वीं वाहिनी के प्रभारी एसआई जगदीश प्रसाद ने बताया कि कमांडेंट के निर्देश पर भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही करने वालों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। भारत-नेपाल पिलर संख्या 5 से धनुष पुल बीओपी तक पिलर संख्या 11 तक सघन पेट्रोलिंग की जा रही है।
वहीं केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने नार्थ इंडिया के हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आतंकी हवाई अड्डों को निशाना बना सकते है। लिहाजा, देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रबंधों का जायजा भी लिया है।
27 सितंबर को महामहिम राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर भी अलर्ट को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकवादी हवाई अड्डों की सुरक्षा में सेंधमारी कर हमला कर सकते है। हालांकि यह साफ नहीं हो सका कि आतंकी हमले का क्या तरीका अपना सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि हवाई अड्डों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके बाद नार्थ इंडिया के तमाम हवाई अड्डों की सुरक्षा बढ़ाने की हिदायत दी गई है।
इसी के मद्देनजर जौलीग्रांट एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई है। खुफिया तंत्र से जुड़े लोगों ने एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रबंधों का खाका तैयार कर अफसरों को अपनी रिपोर्ट दे दी है।