उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा में प्रदेशभर से एक लाख 42 हजार 973 अभ्यर्थी शामिल हुए। प्रदेश में यह परीक्षा 625 केंद्रों पर आयोजित की गई। राज्य लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक अवधेश कुमार सिंह की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा के लिए कुल दो लाख छह हजार 390 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे।
UKPSC: एक लाख 42 हजार ने दी फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा, एक दिन पहले ही हुआ था नकल कराने वाले रैकेट का खुलासा
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टीम ने शनिवार को नारसन में मुकेश सैनी के कोचिंग सेंटर पर दबिश दी तो वहां सैनी और उसका साथी रचित पुंडीर नकल कराने की योजना बना रहे थे। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि नकल कराने के आरोप में सैनी के खिलाफ चार और रचित के खिलाफ दो मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। सैनी हरचंदपुर, मंगलौर और पुंडीर खंजरपुर, रुड़की का रहने वाला है।
15 अभ्यर्थियों से चार-चार लाख में हुआ था सौदा
पूछताछ में सैनी ने बताया कि उसने 15 अभ्यर्थियों से नकल कराने का सौदा किया था। उनसे चार-चार लाख रुपये लिए जाने थे। कुछ अभ्यर्थियों ने एडवांस के तौर पर 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये भी दे दिए थे। परीक्षा केंद्र पर नकल कराने के लिए उसने कुछ ब्लूटूथ डिवाइस भी मंगाई थी। इन्हें भी एसटीएफ ने बरामद कर लिया है।
ये अभ्यर्थी किए गए नामजद
इस मामले में तीन अभ्यर्थियों प्रदीप, अभिषेक निवासी नसीरपुर मंगलौर और अंकुल निवासी रायसी, लक्सर के नाम भी सामने आए हैं। इन्हें भी मुकदमे में नामजद किया गया है।
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रचित की लगनी थी परीक्षा केंद्र में ड्यूटी, वहीं से होता पेपर आउट
एसएसपी ने बताया कि मुकेश सैनी और रचित पुंडीर वर्ष 2020 में भी वन आरक्षी भर्ती परीक्षा में नकल करा चुके हैं। इस बार भी ये दोनों इसी तरह की योजना बना रहे थे। रचित लक्सर क्षेत्र में प्राइवेट कॉलेज में सहायक प्रोफेसर है। उसकी परीक्षा केंद्रों में ड्यूटी लगती रहती है। इस बार भी ड्यूटी लगनी थी। ड्यूटी के वक्त रचित को परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर मुकेश सैनी को भेजनीं थी। प्रश्नपत्र को हल करने के बाद ब्लूटूथ डिवाइस से अभ्यर्थियों को नकल कराई जानी थी। मुकेश ने छोटी ब्लूटूथ डिवाइस 15 अभ्यर्थियों मुहैया कराई थी।