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बाढ़ का कहर: लक्सर और खानपुर में अब तक तीन की मौत, हेलिकॉप्टर से भेजी गई सामग्री, बचाव के लिए 16 टीमें तैनात
बाढ़ के कहर से लक्सर और खानपुर क्षेत्र में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बचाव और राहत कार्य के लिए पुलिस, आर्मी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 16 टीमें लगाई हैैं। जबकि हेलिकॉप्टर से लगातार राहत सामग्री पहुंचाने काम जारी है।लक्सर और खानपुर में बाढ़ ने लगातार कहर बरपा रखा है। जिससे जनहानि भी हुई है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि बाढ़ के चलते लक्सर के ग्राम हबीबपपुर कुंडी में सतपाल, ग्राम बसेडी खादर में वाल्मीकि कॉलोनी निवासी अजय कुमार की डूबने से मौत हुई है। जबकि तहसील रुडकी में सात वर्षीय अलीउसा की दीवार गिरने से मौत हुई है।
वहीं लक्सर के रायसी के पास नदी में पैर फिसलने से 18 साल के युवक की मौत हुई है। बताया कि बीईजी से 77 जवान और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की कुल 16 टीमें लगाई गई हैं। इसके अलावा आपदा मित्र ग्रामीण, स्वयंसेवकों, सामाजिक संस्थाओं की ओर से भी सहयोग किया जा रहा है। बताया कि हरिद्वार से अब तक हेलीकॉप्टर से दस चक्करों के जरिए राहत सामग्री भी भेजी गई है।
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गांव में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के कारण लोनिवि के 15 मार्ग बाधित हुए हैं। इसके अलावा एक राज्य मार्ग, एक जिला मार्ग, आठ ग्रामीण मार्ग भी बाधित हैं। जिसके चलते कई गांवों का संपर्क कस्बे से कट गया है। जहां पर लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
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गांव में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
विगत छह दिन से लगातार बारिश और नदियों में आई बाढ़ से ऊर्जा निगम को करीब ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि नुकसान का सही आकलन मौसम साफ होने पर पता चल पाएगा।
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गांव में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि लगातार बारिश से क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव हो गया। नदियों में पानी आने से बिजली के पोल तार सहित पानी में बह गए। कई जगह ट्रांसफार्मर फुंक गए तो कई जगह मलबे में दब गए हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में बिजली के तार व इंसुलेटर आदि सामान खराब हो गया या फिर मलवे में दब गया। ऐसे में विभाग को ट्रांसफार्मर, खंभे, तार, इंसुलेटर आदि सामान नया लगाना पड़ा।
यहीं नहीं दोबारा से लाइनों को ठीक करने से लेकर व्यवस्था पटरी पर लाने में बड़ी मात्रा में मजदूरी पर भी खर्च करना पड़ा। ऐसे में ऊर्जा निगम को रुड़की, भगवानपुर, मंगलौर, लक्सर, खानपुर और कलियर सहित रुड़की शहरी और ग्रामीण डिवीजन में मिलाकर करीब ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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