साहब! हमें दरिंदे पिता से बचा लो। वह हमें रोजाना मारते-पीटते हैं। इतना ही नहीं दांतों से भी काटते हैं। काश, हमारी मां जिंदा होती तो शायद ऐसा न होता। अब आप ही हमें बचा सकते हैं। वरना हम मर जाएंगे...।
वहशी पिताः रोजाना दांत काटकर बच्चों को करता था टॉर्चर
ब्यूरो / अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन