दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान ट्रैक्टर पलटने से हुई किसान की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। मृतक घर का इकलौता बेटा था। बुधवार तड़के उसका शव घर पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। दूर-दूर से लोग नवरीत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। गम और गुस्से के बीच सैकड़ों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
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दिल्ली में मृतक किसान के घर में मातम
- फोटो : अमर उजाला
ग्राम डिबडिबा, रामपुर, यूपी निवासी नवरीत सिंह (25) पुत्र साहब सिंह 25 जनवरी को अपना ट्रैक्टर लेकर दिल्ली में किसान रैली में शामिल होने के लिए गया था। गणतंत्र दिवस पर निकल रही ट्रैक्टर रैली में नवरीत का ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में नवरीत की मौके पर ही मौत हो गई थी। बुधवार की सुबह तीन बजे उसका शव घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया।
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किसान का अंतिम संस्कार
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परिजनों को सांत्वना देने के लिए बिलासपुर पुलिस, प्रशासन और राजनीतिक पार्टियों के लोग बुधवार देर शाम तक वहां पहुंचते रहे। वहां पर रामपुर की पूर्व सांसद बेगम नूर बानो, पूर्व विधायक संजय कपूर, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, पूर्व विधायक नारायण पाल, तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क, साहब सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।
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मृतक किसान के घर पहुंचे लोग
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मृतक नवरीत आस्ट्रेलिया में ट्रक चलाता था। डेढ़ साल पहले उसने ऑस्ट्रेलिया में ही भारतीय मूल की युवती मनस्वीट से विवाह किया था। परिजनों के अनुसार शादी के कुछ समय बाद नवरीत घर आ गया था। लॉकडाउन के चलते वह वापस नहीं जा सका। उसकी पत्नी इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में ही है। वह पति के अंतिम दर्शन नहीं कर पाई। मृतक की इकलौती बहन कनाडा में पढ़ाई कर रही है।
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दिल्ली ट्रैक्टर रैली में मृतक किसान नवरीत
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डिबडिबा निवासी हरदीप सिंह का कहना है कि वह अपने बेटे साहब सिंह के साथ शुरू से ही किसान आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं। कुछ समय पहले ही वह दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर से घर लौटे थे। 25 जनवरी को उनका पोता नवरीत सिंह ट्रैक्टर लेकर घर से निकला था। देर रात को वह गाजीपुर बॉर्डर में पहुंच गया था।