बदहाल पड़े महाभारत काल के ऐतिहासिक तीर्थ द्रोणसागर की सूरत बदलने की कवायद शुरू हो गई है। पर्यटन विभाग के हॉलिडे डेस्टीनेशन में शुमार द्रोणसागर की ड्रोन से वीडियो और फोटोग्राफी के बाद मैपिंग की कार्यवाही चल रही है। पर्यटन विभाग डीपीआर तैयार कर मंजूरी को शासन को भेजेगा।
हॉलिडे डेस्टिनेशन बनेगा महाभारत काल का द्रोण सागर, टूरिस्ट को मिलेंगी खास सुविधाएं
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ऐतिहासिक द्रोणसागर महाभारत कालीन माना जाता है। किंवदंती है कि यहां तुलसीदास के अलावा समाज सुधारक दयानंद सरस्वती के अलावा कई महापुरुष आए थे और यह आस्था का केंद्र भी माना जाता है। लेकिन, वर्तमान में देखरेख के अभाव में यह सूख चुका है। इसमें गाद भरने के साथ ही घास उग आई है।
द्रोणसागर के जर्जर हाल के कारण अब यहां बहुत कम लोग ही आते हैं। पर्यटन विभाग ने हॉलिडे डेस्टीनेशन में द्रोणसागर को शामिल कर इसकी बिगड़ी सूरत को ठीक करने की योजना बनाई है। इसके तहत द्रोणसागर की सफाई करने के साथ ही उसमें पानी भरा जाएगा और इसके पास पार्क तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, लोगों के बैठने के लिए बेंच, गजीबो और पार्किंग भी विकसित की जाएगी।
लोगों को खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराने के लिए रेस्टोरेंट भी खोला जाएगा। द्रोणसागर के पास एएसआई से संरक्षित क्षेत्र है, लिहाजा एएसआई से मंजूरी लेकर सोलर लाइटें भी लगाई जाएगी। पर्यटन विभाग ने ड्रोन से पूरे क्षेत्र की वीडियो और फोटाग्राफी तैयार कर ली है। मैपिंग के साथ ही विभाग डीपीआर तैयार करने की कार्यवाही में जुटा है।
हॉलिडे डेस्टीनेशन में शामिल द्रोणसागर की सफाई कराने के साथ ही उसमें पानी भरा जाएगा। वहां पार्क, रेस्टारेंट, पार्किंग के अलावा लोगों के बैठने के लिए बेंच और गजीबो लगाए जाएंगे। एएसआई से स्वीकृति लेकर जगह-जगह रोशनी के लिए सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। लघु सिंचाई विभाग से मैपिंग की प्रक्रिया कराई जा रही है। इसके बाद डीपीआर बनाकर मंजूरी को मुख्यालय भेजा जाएगा। यह योजना शासन से स्वीकृत है। डीपीआर मंजूर होने के बाद बजट मिलते ही टेंडर कराकर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- बीसी त्रिवेदी, जिला पर्यटन अधिकारी।