कार, बाइक या कोई और वाहन चलाते वक्त किसी ने मोबाइल पर बात की तो उसका लाइसेंस कम से कम तीन महीने के लिए निरस्त कर दिया जाएगा। शनिवार को परिवहन आयुक्त कार्यालय में हुई रोड सेफ्टी की बैठक में इस संबंध में आदेश जारी किए गए। इसके साथ ही सड़क किनारे लगी होर्डिंग, अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए।
ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल पर की बात तो छिन जाएगा लाइसेंस
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित केंद्रीय कमेटी की बैठक 28 अक्टूबर को दिल्ली में होनी है। कमेटी ने पर्वतीय राज्यों के लिए अलग से रोड सेफ्टी के मानक तैयार किए हैं। पिछले महीने कमेटी की बैठक में प्रदेश के परिवहन अधिकारियों को मानक बता दिए गए थे। अब 28 को होनी वाली बैठक में परिवहन विभाग से पूछा जाएगा कि उसने राज्य में किस हद तक मानकों को लागू किया है।
कमेटी ने वाहन चलाते वक्त मोबाइल से बात करने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नशे में वाहन चलाने के खिलाफ भी कड़े प्रावधान हैं। वाहन बेचने वालों को निर्देश दिए गए हैं कि जब लोग बाइक, कार आदि वाहन खरीदने आएं तो उन्हें रोड सेफ्टी से संबंधित लघु फिल्म दिखाएं और मानक बताएं। इसके साथ ही सड़क से 100 मीटर दूर शराब की दुकानें पीछे ले जाने के लिए कहा गया।
बैठक में कहा गया है कि प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर 103 ब्लैक स्पॉट को खत्म करें। इन स्थानों पर आए दिन हादसे होते हैं। बैठक में कहा कि संवेदनशील स्थानों पर वाहनों की गति कम रखी जाए। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाए। इसके साथ ही रोड सेफ्टी फंड जल्दी से बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। अध्यक्षता परिवहन आयुक्त सीएस नपल्च्याल ने की। इस मौके पर परिवहन उपायुक्त सुनीता सिंह तथा पुलिस, पीडब्ल्युडी, आबकारी आदि विभागों के अधिकारी रहे।
केंद्रीय परिवहन कमेटी की बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क से शराब की दुकानों की दूरी के मानक के संबंध में छूट के लिए कहा जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें संकरी है। ऐसे में सड़क से सौ मीटर दूर शराब की दुकान खिसकाने में दिक्कत आएगी। कई स्थानों पर सौ मीटर की दूरी पर पहाड़ का स्लोप आ जाता है।