देहरादून में दो साल बाद निकली भगवान टपकेश्वर महादेव की 21वीं शोभायात्रा से द्रोणनगरी मंगलवार को पूरी तरह भगवान शिव के रंग में रंगी नजर आई। भगवान शिव के 11 रूपों के साथ ही श्याम खाटू महाराज, विष्णु, पिनाकी, पार्थिव शिवलिंग, भगवान ब्रह्मा समेत भगवानों की 32 रंग-बिरंगी झांकियों ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप जलाकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया।
शिव बरात के साथ ही हवा में तप करते शिव श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा का हिस्सा बने। सहारनपुर रोड स्थित शिवाजी धर्मशाला से शुरू हुई टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा का सीएम ने शुभारंभ किया।
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सहारनपुर चौक, झंडा बाजार, रामलीला बाजार, पीपलमंडी, धामावाला, कोतवाली, पलटन बाजार, घंटाघर, चकराता रोड, कैंट बोर्ड आफिस, डाकरा बाजार, गढ़ी कैंट, टपकेश्वर कालोनी होते हुए शोभायात्रा सात घंटे बाद टपकेश्वर मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इस बीच पृथ्वीनाथ मंदिर, घंटाघर समेत कई जगह शोभायात्रा का स्वागत हुआ। फल और प्रसाद वितरित किया गया।
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टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान महंत कृष्णा गिरी, महंत भरत गिरी, दिगंबर रवि गिरी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सेवादल के अध्यक्ष गोपाल कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष मुकेश गुप्ता, योगेश गुप्ता, डीके शर्मा, विनय वर्मा, मनमोहन जयसवाल, रजत, मुकेश गुप्ता, आशीष गुप्ता, कुनाल खेमानी, अशोक वर्मा, राजेश अग्रवाल समेत सैकड़ों सेवादार मौजूद रहे।
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टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा
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शोभायात्रा में 10 साल बाद हेलीकाप्टर से तीन जगह सहारनपुर चौक, घंटाघर और गढ़ी चौक पर पुष्पवर्षा की गई। इससे पहले 2011 में शोभायात्रा में हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा की गई थी। पहली बार शोभायात्रा में भगवान शिव के 11 रुद्र रूप की झांकियां भी निकाली गईं, जबकि बांके बिहारी वृंदावन, भगवान टपकेश्वर के पार्थिव शिवलिंग की झांकी के अतिरिक्त भगवान टपकेश्वर के तीन डोले दूधेश्वर, पतेश्वर और देवेश्वर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
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टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा
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उधर, टपकेश्वर महादेव सेवादल की ओर से गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित विशाल भंडारा देर रात तक चला, जबकि शोभायात्रा के मार्गों पर लगाए गए कई स्टॉलों में भी भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा
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21वीं शोभायात्रा को और अधिक भव्य बनाने के लिए आई महाकाल उज्जैन की भस्म आरती में डमरू-मृदंग बजाने वाली पार्टी और महाराष्ट्र की ढोल पार्टी की धुन ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पलटन बाजार से घंटाघर पहुंचते हुए कुछ विदेशी दर्शक भी शोभायात्रा के साथ में शामिल हो गए। ये लोग भी बैंड की धुन पर श्रद्धालुओं के साथ भाव-विभोर होकर नाच रहे थे।