देहरादून सेवायोजन विभाग की ओर से बुधवार को आयोजित रोजगार मेले में लॉकडाउन के दौरान नौकरी गंवाने वाले बेरोजगारों की भरमार रही। इनमें से कई युवाओं ने स्वास्थ्य, सेल्स एवं मार्केटिंग क्षेत्र की कंपनियों के इंटरव्यू में काबिलियत साबित कर नौकरी हासिल की। वहीं, कई युवाओं को मायूस भी लौटना पड़ा।
रोजगार मेले में बेरोजगारी का आलम भी देखने को मिला। डिलीवरी सर्विस कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय की वैकेंसी के लिए पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं ने भी आवेदन किया। एमए पास 28 वर्षीय सुशील कुमार ने कहा कि वे दो साल से नौकरी की तलाश कर रहे हैं। मजबूरन डिलीवरी ब्वॉय की नौकरी के लिए आवेदन करना पड़ रहा है। सर्वे चौक स्थित कार्यालय में हुए रोजगार मेले में सुबह नौ बजे से ही बेरोजगार युवा जुटने शुरू हुए।
इंटरव्यू के लिए युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। रजिस्ट्रेशन के बाद युवाओं को दो पालियों में बांटकर बारी-बारी से कंपनियों के पास इंटरव्यू के लिए भेजा गया। कई कंपनियों ने इंटरव्यू पास करने वाले युवाओं को मौके पर ही नियुक्तिपत्र दिए। जबकि, कई कंपनियों ने दूसरे राउंड के लिए चयन किया। सेवायोजन अधिकारी प्रवीन गोस्वामी ने बताया कि रोजगार मेले में 297 युवाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें 38 को नियुक्तिपत्र दिए गए। जबकि, 105 को दूसरे राउंड के इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है।
इंटरव्यू लेने वाली कंपनियों में कैंप 108 सर्विस, स्वीगी, स्पेस इंटरनेशनल, विंडलास हेल्थ प्रा. लि., सोलटेक, क्यूएच टलब्रोज प्रा. लि., आईसीआईसीआई फाउंडेशन शामिल रही। इस अवसर पर सेवायोजन अधिकारी नीतू सिंह, सांख्यिकी सहायक अधिकारी रजनीश कुमार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी धीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद तिवारी, सानू कार्की, अजय खंडूरी, जसपाल भाटिया आदि उपस्थित रहे।
लॉकडाउन के बाद पहली बार हुए रोजगार मेले में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कराना विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर युवा लाइन तोड़कर बेतरतीब तरीके से खड़े नजर आए। बार-बार विभागीय कर्मचारी और पीआरडी जवानों की मदद से बमुश्किल सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया। कई युवाओं को नियमों का पालन न करने पर रोजगार मेले से बाहर भी किया गया।