देहरादून के रायपुर के किद्दूवाला में एक कबाड़ी की दुकान में गुरुवार शाम जोरदार धमाका हो गया। धमाके से दुकान में काम करने वाले चार कर्मचारी समेत आठ लोग घायल हो गए। कबाड़ बीनने वाले कुछ युवक मोर्टार के गोले को फायरिंग रेंज के पास नहर से उठाकर लाए थे।
मोर्टार के गोले में बाहर से दिख रहे पीतल को निकालने के चक्कर में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि गोला लंबे समय से नहर के पानी में पड़ा था। ऐसे में धमाका कम तीव्रता से हुआ। माना जा रहा है कि गोला अगर ताजा होता तो धमाका अधिक तीव्रता से होता और इससे आसपास की दुकानें भी चपेट में आ सकती थीं।
Dehradun: राजधानी में बड़ा हादसा, कबाड़ी की दुकान में जोरदार धमाका, आठ लोग घायल, एक गंभीर
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कबाड़ी की दुकान में धमाके के बाद जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मालदेवता में सेना की फायरिंग रेंज है। रेंज में सेना हर रोज विभिन्न तरह के हथियारों से अभ्यास करती है। मोर्टार से भी गोले दागने का अभ्यास होता है। लेकिन, कुछ मोर्टार के गोले आंशिक रूप से फायर होकर कुछ दूरी पर जाकर गिरते हैं। सेना ज्यादातर सामान और शेल को उठाकर ले जाती है, लेकिन कुछ वहीं छूट जाते हैं।
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देहरादून में बम धमाका
- फोटो : अमर उजाला
यहां पास में ही एक नहर भी बहती है। इस नहर में भी इस तरह के मोर्टार व अन्य सामान कबाड़ बीनने वालों को मिल जाते हैं। वर्तमान में इस नहर में पानी नहीं है। ऐसे में कबाड़ बीनने वाले कुछ युवकों को जब यह गोला दिखा तो वह उसे उठाकर इस दुकान तक ले आए। यहां मोर्टार गोले की फायरिंग प्वाइंट के पास से पीतल दिख रहा था। बताया जा रहा है कि कर्मचारी इस पीतल को निकालने का प्रयास कर रहे थे।
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अस्पताल में भर्ती युवक
- फोटो : अमर उजाला
पहले उपकरणों से इसे खोलने का प्रयास किया, लेकिन बाद में इसे डिफ्यूज मानते हुए एक युवक ने इस पर हथौड़ा मार दिया। जिससे गोला फट गया। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। बीते कुछ सालों में यहां पर ऐसे कई हादसे हो चुके हैं।
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अस्पताल में भर्ती युवक
- फोटो : अमर उजाला
मालदेवता क्षेत्र के जंगलों में मार्च 2021 में एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। युवक जंगल में कूड़ा बीनने के लिए गया था। वहां भी उसने इस तरह के एक विस्फोटक को हाथ में लिया तो उसमें धमाका हो गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने तब भी जांच की और पता चला कि यह गोला भी मोर्टार का ही था। यह भी फायरिंग रेंज से ही चला हुआ था।