आखिरी सांसें गिन रहे कारोबारी ने सचिन तोमर का नाम लिया था। जांच हुई तो उसके बारे में कई सनसनीखेज खुलासे हुए। माना जा रहा था उसने कत्ल कर्ज के पैसों को लेकर किया था, लेकिन अब जो बात सामने आई है उसने पुलिस को भी सकते में डाल दिया है।
सचिन तोमर ने आदेश बालियान की हत्या सिर्फ कर्ज से पीछा छुड़ाने के लिए नहीं की थी। बल्कि इसके पीछे एक खास और भी मकसद था। आदेश की हत्या कर वह उन सब साहूकारों में खौफ पैदा करना चाहता था, जिनसे उसने कर्ज लिया हुआ था। ताकि वे भी डरकर कर्जा न मांगे। हत्या तो सचिन ने कर दी, मगर दांव उल्टा पड़ गया। उसके सब साथी पकड़े गए, जबकि पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही वह भी सलाखों के पीछे हो सकता है।
दरअसल, सचिन पर लाखों रुपये का कर्जा है यह बात तो शुरुआत से ही कही जा रही थी। अब चूंकि उसके कई साथी पकड़े गए हैं तो उन्होंने कई बातों के खुलासे भी किए हैं। पता चला है कि सचिन पर बागपत, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर और हरियाणा के लगभग 20 लोगों का कर्ज है। उसे इन लोगों के करीब 60 से 70 लाख रुपये चुकाने हैं। सचिन का काम उसकी लापरवाही के चलते चौपट हो गया तो वह किसी का कर्ज नहीं चुका रहा था। बताया जा रहा है कि जिन लोगों का उस पर कर्ज है, उनमें सबसे कमजोर बैकग्राउंड वाला आदेश बालियान ही था।
ऐसे में उसने आदेश को मारने की साजिश रच डाली। सचिन के साथियों ने बताया कि वह चाहता था कि अगर वह सरेआम इस तरह से हत्या कर देगा और उसका नाम अखबारों व न्यूज चैनलों में आ जाएगा तो उससे सारे साहूकार डरने लगेंगे। ऐसे में वे भी उससे कर्जा नहीं मांगेंगे। प्लान भी इसी तरह बनाया था कि दिन में ही उसकी हत्या की जाए। कुछ हद तक कामयाब भी रहे, लेकिन अब धीरे-धीरे ही सही सचिन पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
सचिन ने अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से हरियाणा के एक पुलिस अफसर से भी पांच लाख रुपये लिए थे। उनके भी पैसे लौटाने में वह आनाकानी कर रहा था। ऐसे में पुलिस अफसर ने उसे गांव से ही उठवा लिया और पैसे लौटाने के कहा। महज पांच दिनों के भीतर ही सचिन ने अफसर के पांच लाख रुपये लौटा दिए थे।