कुंभ के चलते इन दिनों तीर्थनगरी ऋषिकेश में एक बार फिर से कोरोना का प्रकोप मंडराने लग गया है। विभिन्न प्रांतों से तीर्थनगरी घूमने आ रहे अधिकांश पर्यटकों और श्रद्धालुओं की कोविड-19 जांच नहीं हो रही है। जिनकी जांच हो भी रही है, उनमें लगातार पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। पिछले दस दिनों में अब तक 30 यात्री पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में तीर्थनगरी में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए शासन-प्रशासन पुख्ता इंतजाम करने होंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीर्थनगरी में कोविड-19 जांच और वैक्सीनेशन की गति भी कछुआ गति से चल रही है। जिसका खामियाजा महाकुंभ में स्थानीय लोगों को भी भुगतना पड़ सकता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने महाकुंभ में कोविड-19 जांच की बाध्यता समाप्त कर दी है। ऐसे में लाखों श्रद्धालु तीर्थनगरी के लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती, तपोवन, त्रिवेणीघाट आदि स्थानों पर बिना जांच के घूम रहे हैं। कोविड-19 की जांच नहीं होने के कारण कोरोना के संक्रमण की दहशत बनी हुई है। गौरतलब है कि बीते 18 मार्च को तीर्थनगरी में गुजरात के 22 यात्री एक वाहन से पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग मुनिकीरेती की ओर से इन सभी पर्यटकों का आरटीपीसीआर सैंपल लिया गया था। 22 मार्च को सभी पर्यटकों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लेकिन तब तक ये सभी पर्यटक तीर्थनगरी में भ्रमण करने के बाद यहां से लौट चुके थे।
Corona: ऋषिकेश में नहीं हो रही अधिकांश पर्यटकों की कोविड जांच, फिर से मंडराने लगा कोरोना का साया
मनोज राणा, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 24 Mar 2021 11:30 AM IST
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