विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन बुधवार को विपक्ष सदन से नदारद रहा। कांग्रेस विधायक करन माहरा की गाड़ी पुलिस कर्मियों ने विधानसभा के गेट पर रोक दी। माहरा के पहचान बताने पर भी उनसे पास मांगा गया तो वह भड़क गए।
कुछ ही देर में उनके समर्थन में सभी कांग्रेसी विधायक गेट पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। वहीं कुछ देर बार वे वहां बैठकर मूंगफली खाने लगे। उधर, पुलिस के माफी मांगने और दो कर्मचारियों को लाइन हाजिर करने के बाद विपक्ष ने धरना समाप्त किया।
इसके बाद विधानसभा कार्यमंत्रणा की बैठक में सदन की कार्यवाही 7 दिसंबर तक चलाने का निर्णय लिया गया। बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई, लेकिन कांग्रेस ने उसमें हिस्सा नहीं लिया। हालांकि संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत और मंत्री मदन कौशिक ने धरने पर बैठे विपक्ष को मनाने की भरपूर कोशिश की।
विपक्ष की मांग पर दो पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया, लेकिन दोपहर 1.10 बजे दूसरे दिन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी धरना समाप्त नहीं किया गया। सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विपक्ष के सदस्यों को वार्ता के लिए बुलाया। संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और प्रीतम सिंह के साथ बैठक बेनतीजा रही।
विपक्ष दोनों पुलिस कर्मचारियों के निलंबन पर अड़ा रहा। आखिर शाम सवा चार बजे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस कर्मियों ने विधायक करन माहरा से माफी मांगी, जिसके बाद विपक्ष ने धरना समाप्त किया।