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Dehradun News: 826 सरकारी स्कूल बंद होने पर सीजेपी ने सरकार से मांगा जवाब
Mon, 21 Sep 2026 01:49 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:49 AM IST
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने उत्तराखंड में पिछले पांच वर्षों के दौरान 826 सरकारी प्राथमिक स्कूलों के बंद होने पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी ने सरकार को 10 दिन का समय देते हुए स्कूल बंद किए जाने के कारणों और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। सीजेपी के उत्तरी क्षेत्र समन्वयक श्रेष्ठ सिंह ने यह जानकारी दी।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्रेष्ठ सिंह ने कहा कि राज्य में एक ओर सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के पद खाली हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 270 स्कूलों में पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। पहाड़ी जिलों के कई विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
सीजेपी ने सरकार से प्रत्येक बंद स्कूल की स्कूलवार रिपोर्ट जारी करने की मांग की है। इस रिपोर्ट में विद्यार्थियों का नामांकन, शिक्षकों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी शामिल होनी चाहिए। स्कूल बंद करने का कारण, आसपास की आबादी और निकटतम वैकल्पिक स्कूल की दूरी जैसी जानकारी भी इसमें शामिल करने को कहा गया है। पार्टी ने 10 दिनों के भीतर उत्तराखंड एजुकेशन रोडमैप जारी करने की भी मांग की है।
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श्रेष्ठ सिंह ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 270 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी है। ये मुद्दे सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि 10 दिन के भीतर जवाब नहीं मिलता है, तो पार्टी आंदोलन करेगी। दो अक्तूबर के बाद शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। सीजेपी ने सरकार को अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने को कहा है।
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उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्रेष्ठ सिंह ने कहा कि राज्य में एक ओर सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के पद खाली हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 270 स्कूलों में पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। पहाड़ी जिलों के कई विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।
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सीजेपी ने सरकार से प्रत्येक बंद स्कूल की स्कूलवार रिपोर्ट जारी करने की मांग की है। इस रिपोर्ट में विद्यार्थियों का नामांकन, शिक्षकों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी शामिल होनी चाहिए। स्कूल बंद करने का कारण, आसपास की आबादी और निकटतम वैकल्पिक स्कूल की दूरी जैसी जानकारी भी इसमें शामिल करने को कहा गया है। पार्टी ने 10 दिनों के भीतर उत्तराखंड एजुकेशन रोडमैप जारी करने की भी मांग की है।
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श्रेष्ठ सिंह ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 270 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी है। ये मुद्दे सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि 10 दिन के भीतर जवाब नहीं मिलता है, तो पार्टी आंदोलन करेगी। दो अक्तूबर के बाद शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। सीजेपी ने सरकार को अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने को कहा है।