हरिद्वार के पूर्व विधायक व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अम्बरीष कुमार के आकस्मिक निधन से राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने शोक संवेदना व्यक्त कर श्रद्धांजलि दी। अंत्येष्टि में सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर नम आंखों ने अंतिम विदाई दी। अम्बरीष कुमार को याद करते हुए लोगों ने कहा कि उन्होंने पहला चुनाव शेर के निशान पर लड़ा और जिंदगीभर शेर की तरह जिए। उन्होंने हमेशा अपनी शर्तों पर राजनीति की।
स्मृति शेष: दिग्गज नेताओं के खिलाफ कई बार 'चुनावी रण' में उतरे थे अम्बरीष, पढ़ें उनके राजनीतिक जीवन की खास बातें...
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पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार सिद्धांतवादी नेता रहे। राजनीति में सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। वह जीवनभर जनता की आवाज बनकर गूंजे। इंदिरा गांधी के बेहद करीबी रहे और इंदिरा गांधी को दो बार हरिद्वार लेकर आए। माकपा नेता सुभाषिनी अली और माकपा नेता सीताराम येचुरी को भी हरिद्वार लाए। आपातकाल के बाद 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनी। इंदिरा गांधी को जेल में डाला गया।
इसके विरोध में अम्बरीष कुमार के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता जेल भरने के लिए रेजिडेंट मजिस्ट्रेट हरिद्वार कोर्ट के बाहर जमा हो गए। दिवंगत अम्बरीष कुमार के राजनीतिक सहयोगी मुरली मनोहर बताते हैं, इंदिरा गांधी जब जेल से बाहर आईं तो कांग्रेसियों ने जश्न मनाया। इंदिरा ने देशभर में भ्रमण किया और अम्बरीष कुमार सितंबर और दिसंबर माह में दो बार इंदिरा गांधी को हरिद्वार लेकर आए। इंदिरा के हरिद्वार दौरे के बाद कांग्रेसियों में सरकार और प्रशासन का भय दूर हुआ।
उन्होंने बताया कि अम्बरीष कुमार ने मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिकता भड़काने और मुसलमानों पर जानलेवा हमलों के खिलाफ हरिद्वार में बड़ा सम्मेलन कराया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में कांग्रेस नेता नहीं बल्कि माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य एवं पूर्व सांसद सुभाषिनी अली को आमंत्रित किया था। शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस पर विशाल कार्यक्रम कर मुख्य अतिथि माकपा नेता कामरेड सीताराम येचुरी को भी हरिद्वार बुलाया था। 1996 में सपा से हरिद्वार विधायक के तौर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष केसरी नाथ त्रिपाठी ने सर्वश्रेष्ठ विधायक के खिताब से नवाजा था।
अम्बरीष कुमार ने हरीश रावत और रमेश पोखरियाल निशंक के खिलाफ लोकसभा सदस्य का चुनाव लड़ा था। दिवंगत कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने 1991 में एमएलए का पहला चुनाव लड़ा था। उनके सामने भाजपा के प्रत्याशी जगदीश मुनि थे। इस चुनाव में अम्बरीष कुमार को 34 प्रतिशत वोट मिले थे। इसके बाद 1996 में भी वह भाजपा प्रत्याशी जगदीश मुनि के सामने ही विधानसभा प्रत्याशी का चुनाव लड़े थे। 1996 में ही उन्होंने तीसरी बार चुनाव लड़ा था और इस बार वह विजेता रहे थे।