सोशल मीडिया पर तैर रही प्रत्याशियों के नामों की सूचियों ने भाजपा और कांग्रेस की नींद उड़ा दी है। भाजपा ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है तो कांग्रेस एफआईआर करने की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस ने सूची को फर्जी करार दिया है। पार्टी का कहना है कि प्रत्याशियों के नामों की घोषणा संसदीय बोर्ड करेगा।
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों की इस सूची ने उड़ाई BJP और कांग्रेस की नींद
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बता दें कि मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के विधानसभा सीटों पर सहमति बन जाने के बयान आने के बाद सोशल मीडिया पर संभावित प्रत्याशियों के नामों की सूची तैरने लगी। व्हाट्सऐप और फेसबुक पर तैर रही इन सूचियों ने टिकट की कतार में खड़े दावेदारों और उनके समर्थकों की नींद उड़ा दी। जिन दावेदारों के सूची में नाम नहीं थे, उन्होंने दिल्ली की दौड़ लगाई।
कइयों ने पार्टी दिग्गजों को फोन घनघनाए। बेचैन दावेदारों को मनाने में पार्टी दिग्गजों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। पार्टी के प्रदेश प्रचार संयोजक धीरेन्द्र प्रताप ने सूचियों को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए इसे सुनियोजित साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस मसले को बेहद गंभीरता से लिया है वह जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे।
उधर, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि उम्मीदवारों की कोई सूची जारी नहीं हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सूची को फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के नाम संसदीय बोर्ड तय करेगा, जिसे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव घोषित करेंगे। विधानसभा चुनाव के दौरान सीएम के सोशल मीडिया पर इलेक्शन कैम्पेन का जिम्मा राजीव जैन पर होगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जैन को अपना प्रतिनिधि बनाया है। उन्होंने इस बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी को पत्र भेजकर अपने सोशल मीडिया एकाउंट की भी सूची दी है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया एकाउंट पर सवाल उठाया है। पार्टी इस मामले में निर्वाचन आयोग से शिकायत करने की तैयारी में है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता हरीश रावत के फेसबुक और ट्विटर एकाउंट की यूजर आईडी में सीएम शब्द का इस्तेमाल किया गया है जो आचार संहिता का उल्लंघन है।