रविवार(19 नवंबर) को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। वहीं इस बार 17 सालों में में इस दौरान पहली बार एक खास संयोग बना है।
बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार को शाम सात बजकर 28 मिनट पर बंद हो जाएंगे। 17 वर्षो में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब शाम के समय बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। भगवान के दर्शन करने के लिए करीब 3000 से अधिक तीर्थयात्री धाम पहुंच गए हैं।
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- फोटो : AmarUjala
शनिवार को धाम में रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की। रविवार को दिनभर धाम के कपाट खुले रहेंगे। दिल्ली के एक श्रद्धालु ने करीब बीस क्विंटल गेंदे के फूलों से धाम को सजाया गया है।
बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल मां लक्ष्मी की सखी के रूप में स्त्री वेश धारण कर लक्ष्मी जी को बदरीनाथ गर्भगृह में प्रवेश कराएंगे। इससे पहले गर्भगृह से भगवान उद्धव, कुबेर और गरुड़ जी की उत्सव मूर्तियों को चांदी की डोली में रखा जाएगा। इस दौरान घृत लेप कंबल से भगवान बदरीनाथ और मां लक्ष्मी को ओढ़ा जाएगा। इसके बाद कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
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कपाट बंद होने से पूर्व रविवार को कब, क्या होगा
तड़के 4.00 बजे : बदरीनाथ जी का अभिषेक और फूलों से श्रृंगार।
सुबह 5.00 बजे : बदरीनाथ जी की पूजा होगी
सुबह 6.30 बजे--आम श्रद्धालुओं बदरीनाथ के दर्शन करेंगे