हेमकुंड साहिब के प्रवेश द्वार गोविंदघाट में शनिवार सुबह पांच बजे बरसाती नाले में बादल फटने से भारी तबाही मची। यहां लगभग 30 मीटर तक बदरीनाथ हाईवे बह गया है, जबकि 40 वाहन मलबे में दफन हो गए हैं। साथ ही दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान डेक्कन कंपनी का हेलीपेड और हेलीकॉप्टर बरसाती नाले की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी व जिले के अन्य आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई है। शुक्रवार मध्य रात्रि से ही गोविंदघाट क्षेत्र में भारी बारिश शुरू हो गई थी और शनिवार सुबह पांच बजे बदरीनाथ हाईवे के बीचों बीच बह रहे बरसाती गदेरे में बादल फट गया।
इसका मलबा गोविंदघाट गुरुद्वारे के पीछे से होते हुए अलकनंदा में जा पहुुंचा, जिससे यहां पार्किंग में खड़े लगभग 40 वाहन मलबे में दब गए। जिला पंचायत की चार दुकानें और गोविंद पंवार का रेस्टोरेंट भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। कुबेर पार्किंग, हेमकुंड पार्किंग, न्यू कुबेर पार्किंग और बबलू पार्किंग भी मलबे में दब गई। सुविधा गेस्ट हाउस के आठ कमरे, बबलू रेस्टोरेंट और एक जनरेटर भी अलकनंदा में बह गया है। गुड्डू सनवाल के होटल का एक कमरे में मलबे घुसने के साथ ही घोड़ा पड़ाव भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत चौहान और एसडीएम अनिल चन्याल मौके पर पहुंचे।
डीएम ने आपदा, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों को राहत, बचाव कार्य में जुट जाने के निर्देश दिए। सीमा सड़क संगठन के अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि गोविंदघाट में बदरीनाथ हाईवे करीब 30 मीटर तक बह गया है। यहां अस्थाई ब्रिज स्थापित कर वाहनों की आवाजाही करवाई जाएगी। बादल फटने के बाद हुई तबाही से गोविंदघाट में संचार, पेयजल और विद्युत सप्लाई ठप पड़ गई है। संचार सेवा ठप पड़ जाने के कारण बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंचे तीर्थयात्रियों को अपने सगे-संबंधियों से संपर्क करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे को कोई नुकसान नहीं हुआ है। तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे में ठहराया गया है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित पुलना गांव में भी भारी बारिश से दो आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुलना गांव के गिरीश चौहान और गोविंद सिंह चौहान के आवासीय मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही गोविंदघाट-पुलना मोटर मार्ग पर कई जगहों पर पुश्ते क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
चमोली जिले के गोविंदघाट में शनिवार को बादल फटने से बदरीनाथ हाईवे का 30 मी. हिस्सा बह गया। क्षतिग्रस्त हाईवे को दुरुस्त होने में अभी करीब दो दिन का समय लग सकता है, जिसे देखते हुए चमोली जिला प्रशासन ने बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा रोक दी है। इसके चलते 1200 तीर्थयात्रियों को अलग-अलग जगह पर रोका गया है। गोविंदघाट में बदरीनाथ हाईवे क्षतिग्रस्त होने से करीब 400 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम में ही रोका गया है। जबकि करीब 700 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में रोका गया है।