चमोली के थराली क्षेत्र के पिंडरघाटी स्थित गुड़म गांव के जंगल में शनिवार तड़के बादल फटने से गुड़म, थाला, लोल्टी गांवों में भारी तबाही हुई। गदेरों (नाले) के उफान पर आने से गांव में मलबा भर गया। इस दौरान दो महिलाएं मलबे की चपेट में आ गई। आनन-फानन में परिजनों ने दोनों महिलाओं को खींचकर मलबे से बाहर निकाला।
वहीं गुड़म स्टेट में दो मकान और दो गौशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गौशाला दबने से 10 मवेशी भी घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर लोगों को राहत पहुंचाई। शनिवार सुबह करीब तीन बजे बादल फटने से पिंडरघाटी के कई गुड़म, थाला, लोल्टी गांवों में मलबा घुस गया, जिसने घरों में भारी तबाही मचाई। पिंडरघाटी में शुक्रवार रात से ही हो रही भारी बारिश से अनहोनी के चलते ग्रामीण पहले ही अपने घरों से बाहर निकल गए थे।
गुड़म गांव के प्रभावित वीरेंद्र सिंह ने बताया कि गुड़म गांव के ऊपरी भाग के जंगल में तेज गर्जना के साथ बादल फटा। भयंकर उफान के साथ गदेरे से गांव में मलबा आ गया। अंधेरे में मलबा आते ही पहले से अपने घरों से बाहर रह रहे ग्रामीण जान बचाने के लिए भागने लगे। तभी देबुली देवी और लीला देवी मलबे की चपेट में आ गई। आनन-फानन में किसी तरह दोनों महिलाओं को उनके परिजनों ने खींचकर मलबे से बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर ले गए। गांव में दो गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। साथ ही उनमें बंधे मवेशी मलबे में दब गए। किसी तरह मलबा हटाकर ग्रामीणों द्वारा अपने पशुओं को जिंदा बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों की सूचना पर तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़, पटवारी विनोद कुमार, सहित थानाध्यक्ष सुभाष जखमोला पुलिस, एसडीआरएफ टीम के साथ गुड़म गांव पहुंचे और बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया। थानाध्यक्ष ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से 10 पशुओं को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन सभी पशु चोटिल हैं। साथ ही 12 से ज्यादा घरों में मलबा घुसने से ग्रामीणों का लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कई नाली कृषि भूमि बाढ़ की भेंट चढ़ गई है। भारी बारिश से अल्मोड़ा-ग्वालदम-थराली-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग घनियाल धार से लेकर नासिर बाजार तक क्षतिग्रस्त है। थाला और लोल्टी में गदेरे का उफान सड़क पर आ गया और सड़क को बहा ले गया। वहीं, लोल्टी में भी कई घरों में मलबा आया है। सैकड़ों पेड़ गदेरे में बह गए। जबकि तलवाड़ी खालसा में पुलिया बह गई और भारी भूस्खलन होने से लोग दहशत में है।