भारत की इस गतिविधि पर चीन की घात लगाए बैठा है। पड़ोसी देश नेपाल से आए प्रोफेसर ने इस बात का खुलासा किया है।
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भारत की इस गतिविधि पर 'ड्रैगन' की नजर, नेपाल से आए प्रोफेसर ने किया खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 06 Feb 2018 07:57 AM IST
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china-india relations
nepal representatives
- फोटो : amar ujala
भारत और नेपाल के बीच सदियों से चले आ रहे रिश्तों पर ड्रेगन घात लगा सकता है। नेपाल में बढ़ी चीन की गतिविधियों के मद्देनजर रविवार को यहां आयोजित डेस्टिनेशन प्रमोशन प्रोग्राम में नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने सचेत रहने की सलाह दी। उनका कहना है कि भारत-नेपाल में रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है। चीन से दोनों देशों को सचेत रहना होगा।
hemraj pant
कार्यक्रम का आयोजन हरिद्वार बाईपास रोड स्थित होटल में हुआ। नेपाल से आए प्रोफेसर हेमराज पंत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि भारत और नेपाल के बीच जिस तरह से गहरे संबंध रहे हैं, इसका कोई विकल्प नहीं है, लेकिन यह भी सच है कि चीन ने पिछले कुछ वर्षों में नेपाल में तेजी से गतिविधियां बढ़ाई हैं। उसकी ओर से विकास कार्यों में सहयोग किया जा रहा है, बड़े कांट्रेक्ट ले रहा है, उद्योग में पैसा लगा रहा है।
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चीन के लोगों ने काठमांडू में कई प्रतिष्ठान खोले हैं, बच्चों की पढ़ाई में छात्रवृत्ति दी जा रही है। नेपाल से लोग काम के लिए चीन जा रहे हैं। भारत-नेपाल के बीच संबंधों में कोई खटास पैदा न हो, इसके लिए दोनो देशों को ड्रेगन से सचेत रहना होगा।
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नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मैनेजर सुमन घिमिरे ने कहा कि चीन ने नेपाल में अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं, लेकिन जनभावनाएं भारत के साथ है। नेपाल के लोगों का भारत के साथ इस तरह से जुड़ाव है कि लोग यहां आकर यह सोचते हैं कि घर (नेपाल) के बाहर भी घर (भारत) है। इसी तरह यहां के पर्यटक नेपाल जाना पसंद करते हैं।