चारधाम यात्रा में घूमने आ रहे हैं और ट्रैकिंग का भी शौक रखते हैं तो चेनाप वैली आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। यहां आने वाले हर पर्यटक का मन प्राकृतिक सुंदरता से मोहित हो जाता है। जैव विविधिता से भी यह घाटी भरी हुई है। दूसरी फूलों की घाटी के नाम से प्रसिद्ध चेनाप घाटी में 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं।
जोशीमठ से करीब 28 किमी की दूरी पर स्थित चेनाप वैली समुद्र तल से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मखमली बुग्याल से आच्छादित इस घाटी में कदम-कदम पर प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलेगी। यहां पर हर साल 300 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं।
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चेनाप घाटी
- फोटो : अमर उजाला
जिसमें ब्रह्मकमल, फेनकमल, एनीमोन, मार्श, प्रिभुला, स्नेक लिली, कोबरा लिली, पोटेंटीला, जेनेरियम, ब्लू पॉपी, तारक लिलियम, हिमालयी नीला, पोस्त बछगान सहित अन्य फूल हैं। फूलों की घाटी की तरह यह भी हर 15 दिन में रंग बदलती है।
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चेनाप घाटी
- फोटो : अमर उजाला
चेनाप घाटी में यात्रा सीजन में कभी भी जाया जा सकता है। हालांकि यहां पर जुलाई से फूल खिलने शुरू होते हैं जिसके चलते यह समय इस घाटी में जाने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। लेकिन अन्य समय भी यहां पर प्राकृतिक सुंदरता के दीदार किए जा सकते हैं।
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चेनाप घाटी
- फोटो : अमर उजाला
मखमली बुग्याल, शानदार स्लोप और गहरी घाटियों की सैर करना अपने आप में अद्भुत अनुभव होता है। इस घाटी में जाने के मार्ग पर विभिन्न हिमालय चोटियों के भी दीदार होते हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव भी पाए जाते हैं।
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चेनाप घाटी
- फोटो : सोशल मीडिया
यहां जाने के लिए ऋषिकेश से करीब 270 किमी दूर जोशीमठ बाजार तक वाहन से पहुंच सकते हैं। जोशीमठ से मारवाड़ी पुल होते हुए करीब 10 किमी दूर थैंग गांव तक वाहन से पहुंचा जाता है। वहां से करीब 16 किमी का पैदल ट्रैक है। पर्यटक थैंग गांव में स्थित होम स्टे और धारखर्क पड़ाव में टेंट हैं। इस ट्रैक में तीन से चार दिन का समय लगता है।