हेमकुंड साहिब: 22 हजार से ज्यादा प्लास्टिक बोतलें, चार हजार से अधिक बैग, रेपर व रेनकोट, यात्रा मार्ग का हाल
पर्वतीय रास्तों पर बढ़ता प्लास्टिक कचरा प्रकृति के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। इसे रोकने के लिए हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी के यात्रा मार्गों पर लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
विस्तार
हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग और फूलों की घाटी से ईको विकास समिति (ईडीसी) ने इस वर्ष अब तक 22 हजार 400 से अधिक प्लास्टिक बोतलें और चार हजार से अधिक प्लास्टिक बैग, रेपर व रेनकोट एकत्रित किए हैं। समिति की ओर से 20 मई से दोनों मार्गों पर प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट एकत्रित करने का अभियान चलाया जा रहा है।
इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई और फूलों की घाटी के कपाट एक जून को खुले थे। अब तक हेमकुंड साहिब में तीन लाख 21 हजार श्रद्धालु और फूलों की घाटी में 28 हजार से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं।
ये भी पढे़ं...उत्तराखंड: कुत्तों के झुंड ने नीलगाय को नोच-नोचकर मार डाला, जान बचाने के लिए भागी, मंदिर तिराहे पर तोड़ा दम
ईडीसी भ्यूंडार के अध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि एकत्रित कचरे को घांघरिया होते हुए पुलना लाया जाता है, जहां पुनर्चक्रण किया जाता है। करीब 60 पर्यावरण मित्र रोज सफाई में जुटे हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र की विषम परिस्थितियों के बावजूद समिति पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के लिए लगातार अभियान चला रही है।