फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Gandhi Jayanti: Father of the Nation taught people lesson of non-violence in Mussoorie

Gandhi Jayanti : राष्ट्रपिता ने मसूरी की प्रार्थना सभा में लोगों को पढ़ाया था अहिंसा का पाठ, दी थी यह प्रेरणा

Wed, 02 Oct 2024 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुनील सिलवाल, मसूरी
सुनील सिलवाल, मसूरी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 02 Oct 2024 06:02 AM IST
सार

18 अक्तूबर को मसूरी पहुंचे महात्मा गांधी ने यूरोपीय नगर पालिका पार्षदों को संबोधित किया। 24 अक्तूबर तक मसूरी के हैप्पी वैली के पास बिड़ला हाउस में रहे और उस दौर के बड़े राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक की।

विज्ञापन
Gandhi Jayanti: Father of the Nation taught people lesson of non-violence in Mussoorie
महात्मा गांधी - फोटो : ट्विटर @@rashtrapitaa

विस्तार

मसूरी से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को बड़ा लगाव था। उन्होंने मसूरी में प्रार्थना सभा आयोजित कर लोगों को अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। लोगों को आजादी की लड़ाई में मजबूती से आगे आने के लिए प्रेरित किया था।

विज्ञापन


इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने बताया कि महात्मा गांधी सबसे पहले 1929 में मसूरी आए थे। 15 अक्तूबर 1929 को हरिद्वार में एक कार्यक्रम में शामिल होकर अगले दिन मसूरी पहुंचे थे। 16 अक्तूबर 1929 को बापू देहरादून में एक कार्यक्रम के बाद मसूरी पहुंचे थे। 18 अक्तूबर को मसूरी पहुंचे महात्मा गांधी ने यूरोपीय नगर पालिका पार्षदों को संबोधित किया। 24 अक्तूबर तक मसूरी के हैप्पी वैली के पास बिड़ला हाउस में रहे और उस दौर के बड़े राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक की। उसके बाद 28 मई 1946 को मसूरी का दौरा किया था और कुलड़ी स्थित सिल्वर्टन मैदान में जनसभा कर लोगों को अहिंसा का पाठ पढ़ाया। महात्मा गांधी ने मसूरी एंड दून गाइड बुक में मसूरी से दिखाई देनी वाले हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता का जिक्र किया था।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

गोपाल भारद्वाज के मुताबिक 1946 में जब महात्मा गांधी बिड़ला हाउस में रुके थे, तब उनके पिता ऋषिराज भारद्वाज को लेने के लिए रिक्शा भेजा था। मसूरी प्रवास के दौरान स्थानीय लोगों ने महात्मा गांधी को चांदी की छड़ी और रिक्शा भेंट किया था। महात्मा गांधी ने स्थानीय लोगों से मिले उपहार की बोली लगाई और 800 रुपये में बेच दिए। उस धनराशि को खादी ग्रामोद्योग को दान कर दिया था।

शहर के लाइब्रेरी चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा लगी है। इसके आसपास आवारा पशुओं का दिनभर जमावड़ा लगा रहता है। शहर का सबसे व्यस्त चौक होने पर यहां बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। सैलानी दून वैली का खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठाते हैं, लेकिन आवारा जानवरों की वजह से परेशानी झेलते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed