इस बार बसंत पंचमी पर भूलकर भी करें ये काम, जीवनभर के लिए होगा अशुभ
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आचार्य ने बताया कि 21 जनवरी को दिन में 3:32 बजे पर पंचमी तिथि लगेगी। 22 जनवरी को शाम 4:25 बजे तक पंचमी तिथि रहेगी। मकर राशि पर सूर्य-शुक्र, केतु का मिलन वर्ष 2000 के बाद अब होगा। 18 वर्ष बाद बन रहे इस संयोग को विशेष माना जा रहा है। वहीं 15 दिसंबर से एक फरवरी तक शुक्र अस्त होने से शुभ मुहूर्तों का अभाव अभी बना रहेगा। शुक्र अस्त होने की वजह से विद्यारंभ संस्कार करना सही नहीं माना जा रहा है। विद्यारंभ संस्कार में इस दिन बच्चों को कॉपी पेन आदि देकर पढ़ाई की शुरुआत कराई जाती है। इसे शुभ माना जाता है।
सुबह 7:15 से 8:34 बजे तक अमृत की चौघड़िया में पूजन करना शुभ होगा। इसके बाद प्रात: 9:52 से 11.10 बजे तक शुभ की चौघड़िया एवं मध्याह्न 12:10 से 12:52 बजे तक अभिजीत मुहूर्त मेें शुभ प्रद हैं। प्रात: 8:34 से 9:52 तक राहुकाल रहेगा। इसके बाद दिन में 1:48 से 2:56 बजे तक चर की चौघड़िया मुहूर्त में सरस्वती पूजन, जात कर्म, नाम करण, पुंसवन, सीमंतोन्नयन, अन्नप्राशन आदि संस्कार कर सकते हैं। शुक्र अस्त का दोष इन संस्कारों को करने पर नहीं होता।