यौनवर्द्धक दवाओं में भालू की पित्त की थैली के इस्तेमाल के चलते उत्तराखंड के जंगलों में भालुओं की शामत आ गई है। जलवायु परिवर्तन के कारण बिगड़े वासस्थलों की वजह से यहां-वहां भटकते भालू आसानी से वन्य जीव तस्करों का शिकार हो रहे हैं। इन दिनों वन्य जीव तस्करों के गिरोह प्रदेश के जंगलों में सक्रिय हैं।
'सेक्स पॉवर' बढ़ाने के लिए मारे जा रहे भालू, विदेशों में जबर्दस्त मांग
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 29 Nov 2016 03:41 PM IST
विज्ञापन