भारत-चीन सीमा से सटे बाड़ाहोती में भारतीय सेना के साथ ही ये लोग भी चीनी सेना पर नजर रखते हैं। और ये लोग ही सेना के जवानों को चीन घुसपैठ की खबर देते हैं।
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बाड़ाहोती पर भारतीय सेना के साथ ये 'जासूस' भी रखते हैं चीनी सेना पर नजर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 02 Aug 2017 09:24 AM IST
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बुग्याल में चरतीं बकरियां
- फोटो : अमर उजाला
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- फोटो : AmarUjala
बाड़ाहोती बुग्याल क्षेत्र है। इस वजह से यहां चरवाहे अपने जानवरों को लेकर पहुंचते हैं और घंटों तक इस क्षेत्र में रहते हैं।
barahoti
इस समय के दौरान वह सीमा पर चीन की गतिविधियों पर भी नजर रखते हैं। इसलिए यह चरवाह अकसर चीनी सैनिकों के विरोध के शिकार भी होते हैं।
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India-China border
1959 में तिब्बत पर अपना अधिकार जमाने के बाद से ही इस क्षेत्र में लगातार चीन अपना प्रभुत्व बढ़ाता रहा है। तिब्बती समुदाय के आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा को भारत में शरण देने के बाद भी चीन भारत का विरोध करता है। 1962 में चीन ने जब भारत पर युद्ध थोपा तो उसके बाद से यहां भारत-चीन सीमा स्पष्ट नहीं है।
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india-china
बाड़ाहोती क्षेत्र में कई बार चरवाहों और चीनी सैनिकों का आमना-सामना होता रहा है। चरवाहों की मानें तो चीनी सैनिकों से जब उनका सामना होता है तो उन्हें हर बार ऐसी ही असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। इस बार भी ड्रैगन के निशाने पर बाड़ाहोती बुग्याल में भेड़-बकरियां चुगाने गये पालसी ही रहे।