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तेंदुए के जबड़े से सास को छुड़ाने के लिए बहू ने दांव पर लगाई जान, ऐसे किया आदमखोर का सामना

Tue, 25 Dec 2018 08:50 AM IST
अलका त्यागी हेम कांडपाल/अमर उजाला, चौखुटिया (अल्मोड़ा)
हेम कांडपाल/अमर उजाला, चौखुटिया (अल्मोड़ा) Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 25 Dec 2018 08:50 AM IST
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Bahu Fight with leopard for Saving mother in law in almora
तेंदुए से भिड़ने वाली गीता

सास को तेंदुए के मुंह का निवाला बनता देख बहू से रहा न गया तो सामना करने के लिए जान दांव पर लगा दी। बमनगांव की गीता जोशी को भरसक प्रयास के बावजूद अपनी सास गोविंदी देवी को न बचा पाने का अफसोस है। गीता ने अदम्य साहस का परिचय देकर अपनी सास को तेंदुए का निवाला बनने से तो बचा लिया पर उनकी जान नहीं बचा पाई। इस घटना के बाद से गमगीन गीता ने अभी खाना नहीं खाया है। 

Bahu Fight with leopard for Saving mother in law in almora
तेंदुए

ग्राम पंचायत बमनगांव में रविवार की देर रात जिस समय तेंदुए ने गोविंदी देवी (70) को घर की चौखट से खींचा तब उनकी बहू गीता जोशी गोशाला से लौटी थी। वह कुछ समझ पाती की घात लगाकर बैठा तेंदुआ उनकी सास को खींचकर घर से नीचे की तरफ ले जाने लगा। उसके पीछे भागी गीता ने तीन खेत नीचे जाने के बाद अपनी सास के दोनों पांव पकड़कर अपनी ओर खींचे, परंतु तेंदुआ उसकी सास को दो खेत और नीचे ले गया। 

Bahu Fight with leopard for Saving mother in law in almora
लखपत

इस दौरान गीता द्वारा शोर मचाने पर वह उसे वहीं छोड़ गया। लोग जब तक पहुंच पाते तब तक गोविंदी की मौत हो चुकी थी। गीता सोमवार को पूरे दिन गमगीन होकर खामोश रही। इस दौरान उसने गांव की प्रधान राधिका देवी तथा अपनी कुछ खास महिला साथियों को घटनाक्रम के बारे में बताया।  गीता के इस साहस को काफी सराहा जा रहा है। गोविंदी देवी की मौत के बाद जागे वन विभाग ने बमन गांव को शिकारियों की छावनी में तब्दील कर दिया है। यहां सक्रिय तेंदुए को मारने के लिए लखपत के साथ ही गांव में चार स्थानीय शिकारियों को तैनात किया गया है। शिक्षण संस्थाओं को भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। 

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Bahu Fight with leopard for Saving mother in law in almora
तेंदुए

ग्राम पंचायत बमनगांव में तेंदुए का शिकार हुई वृद्धा के शव का पोस्टमार्टम वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रानीखेत से पहुंची चिकित्सकों की टीम ने गांव में ही किया। बाद में द्वाराहाट के बिमांडेश्वर शमशान घाट में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग ने भी प्रभावित परिवार को त्वरित सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए दिए और बाद में पौने तीन लाख रुपये देने का इरादा जताया।

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तेंदुए

ग्राम पंचायत बमनगांव में रविवार को देर शाम तेंदुए के हमले में जान गंवा चुकी गोविंदी देवी (70 वर्ष, पत्नी तारादत्त जोशी) का पोस्टमार्टम रानीखेत से आई चिकित्सकों की टीम ने गांव में ही किया। द्वाराहाट के बिमांडेश्वर शमशान घाट में मृतका का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान विधायक महेश नेगी, एसडीएम रजा अब्बास, डीएफओ प्रवीण सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी पृथ्वीपाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी हरीश सिंह खर्कवाल, प्रधान राधिका देवी, मदन राम, मदन जोशी, चंदन भंडारी सहित भरी संख्या में ग्रामीण आदि मौजूद थे। 

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