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यहां से हुई थी राजनीति के पुरोधा स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने की शुरुआत

Sat, 18 Aug 2018 10:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Sat, 18 Aug 2018 10:30 AM IST
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atal bihari vajpayee death making of his prime minister
atal bihari vajpayee

भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने की शुरुआत यहां से हुई थी। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के साथ सीमांत जनपद उत्तरकाशी की भी कई यादें जुड़ी हुई हैं।


 

atal bihari vajpayee death making of his prime minister
atal bihari vajpayee

प्रधानमंत्री बनने से पूर्व दो बार उत्तरकाशी जिले के दौरे पर पहुंचे वाजपेयी जी को देश का प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद भी गंगा के उद्गम गंगोत्री धाम में मिला था। उनका सानिध्य पाने वाले जिले के पुराने जनसंघी और भाजपाई उनके साथ बिताए पलों को याद कर भाव विह्वल हो गए। अलग उत्तराखंड राज्य बनाने के साथ ही वर्ष 2003 में वरुणावत त्रासदी से निपटने के लिए उनके द्वारा ढाई सौ करोड़ के भारी भरकम पैकेज की घोषणा किए जाने से जनपदवासी आज भी उनके ऋणी हैं।
 

atal bihari vajpayee death making of his prime minister
atal bihari vajpayee

पुराने जनसंघी नेमचंद चंदोक, सूरतराम नौटियाल, सत्यदेव गुप्ता आदि ने बताया कि वर्ष 1985 में ग्वालियर सीट से लोकसभा चुनाव में पराजय का सामना करने के बाद वाजपेयी जी नवंबर माह में उत्तरकाशी के दौरे पर आए थे। नौटियाल बताते हैं कि एक मारुति वैन में वाजपेयी जी के साथ उनके निजी सहायक शिव कुमार एवं सुरेश चंद जैन यहां आए थे। यहां उन्होंने सत्यदेव गुप्ता-सुधा गुप्ता के घर पर भोजन किया था और रामरतन तलवाड़ के घर नाश्ता किया था।
 

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atal bihari vajpayee

यहां से वे हर्षिल गए, जहां उन्होंने सेब के पेड़ों के साथ फोटो खिंचाने के साथ ही विल्सन का बंगला भी देखा था। गंगोत्री मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मंदिर समिति के तत्कालीन सचिव रावल कमलेश कुमार सेमवाल ने वाजपेयी जी को देश का प्रधानमंत्री बनने का आशीर्वाद दिया था। तब बाबा स्वामी सुंदरानंद ने भी उनकी तस्वीर कैमरे में कैद की थी। स्वामी सुंदरानंद भी उनके मुरीद थे। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों द्वारा भूमि बंदोबस्त की मांग किए जाने पर उन्होंने अलग पर्वतीय राज्य की बात कही थी। लौटते हुए उन्हें भटवाड़ी के रामलीला मैदान में एक सभा को भी संबोधित किया था।
 

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दूसरी बार वाजपेयी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर 21-22 मई 1988 में उत्तरकाशी का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने आजाद मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया था। तब उनके साथ भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष कल्याण सिंह भी यहां आए थे। भ्रमण के दौरान उन्होंने जीएमवीएन गेस्ट हाउस में प्रख्यात फोटोग्राफर गुलाब सिंह नेगी द्वारा लगाई गई फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन कर विजिटर बुक में सराहना की थी। इसके बाद उनका उत्तरकाशी आना नहीं हुआ, लेकिन इस जिले से लगाव ही था कि वर्ष 2003 की वरुणावत त्रासदी से वे खासे व्यथित हुए और देहरादून दौरे के समय उन्होंने इस त्रासदी से निपटने के लिए ढाई सौ करोड़ रुपये के भारी भरकम पैकेज की घोषणा की थी। 
 

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