अर्जुन की हत्या तिब्बती मार्केट के गेट नंबर सात और आठ के बीच हुई। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम के पहुंचकर जांच पूरी करने तक कटे हुए अनानास के टुकड़े खून से सने हुए पड़े थे। अर्जुन को जब गोली मारी गई उससे ठीक पहले ही उन्होंने अनानास खरीदे थे।
उन्हें अनानास बेचने वाले फल विक्रेता ने बताया कि फल खरीदते वक्त अर्जुन ने मोलभाव भी किया था। कह रहे थे कि सही दाम लगा लो तुमसे रोज फल खरीदूंगा। अर्जुन हत्याकांड की कहानी बलिदानी कोटे से मिली उनके परिवार की गैस एजेंसी बताई जा रही है।
इस कहानी में कई और किरदार हैं लेकिन केंद्र में डॉक्टर अजय खन्ना का नाम आ रहा है। बताया जा रहा है कि शहर के इस नामी डॉक्टर ने अर्जुन की मां के कहने पर एजेंसी का लोन चुकाया था। अब अर्जुन की मां इस एजेंसी को बेचना चाह रही थी।
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तिब्बती मार्केट जहां पर अर्जुन को मारी गई गोली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जबकि, अर्जुन इसके पक्ष में नहीं था। चूंकि डॉक्टर के करोड़ों रुपये इस लोन चुकाने में खर्च हो गए तो अब वह भी रकम को वापस चाह रहा था। इसी उलझन भरी कहानी में किसी एक किरदार ने भाड़े के शूटर बुलाकर अर्जुन का काम तमाम कर दिया।
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देहरादून में कारोबारी की हत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमरदीप गैस एजेंसी अर्जुन के पिता के बलिदान होने के बाद कोटे से परिवार को मिली थी। यह एजेंसी उनकी मां के नाम पर थी। कारोबार को चलाने के लिए बैंक से लोन भी चल रहा था। इसके अलावा सूत्रों का कहना है कि अर्जुन की मां ने इस संपत्ति को बैंक में बंधक रख कुछ और लोन भी उठाया था। अब वह इस संपत्ति को बेचना चाह रही थी। इस बात की भनक अर्जुन को लग गई।
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देहरादून में कारोबारी की हत्या
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अर्जुन नहीं चाहता था कि यह एजेंसी बेची जाए। इस पर उसने बैंक को शिकायत कर दी। बैंक ने जब पाया कि बंधक संपत्ति को बेचने का प्रयास हो रहा है तो उसने आपत्ति लगा दी। यहीं से एंट्री होती है डॉक्टर साहब की। अर्जुन की मां के कहने पर डॉक्टर अजय खन्ना और उनके साथियों ने इस संपत्ति को बंधक कर लिया गया लोन चुका दिया। अब बैंक की तरफ से यह संपत्ति बिल्कुल मुक्त हो गई।
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अर्जुन हत्याकांड
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ऐसे में बैंक इसमें कोई दखल नहीं दे सकता था। चूंकि संपत्ति बेहद मौके की जगह है तो यहां पर दूसरी व्यावसायिक गतिविधियों जिनमें ज्यादा मुनाफा हो के लिए एकदम मुफीद है। इस पर कुछ और लोगों की भी नजर थी। बीच में कांटा था बस अर्जुन जो नहीं चाहता था कि उनका ठीक-ठाक चलता व्यापार बंद हो जाए।