कामकाजी महिलाओं को ऑफिस से लेकर घर पहुंचने तक कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर ऑफिस में शारीरिक शोषण, घर से ऑफिस आते-जाते समय छेड़खानी सहित कई ऐसी परेशानी है, जिनसे आए दिन जूझना पड़ता है। इन सबके लिए कानून भी बने हैं लेकिन महिलाओं का कहना है कि जब तक महिलाएं खुद जागरूक और मजबूत नहीं बनेंगी, तब तक यह समस्याएं भी बनीं रहेंगी।
Amar Ujala Aparajita Samvad: कामकाजी महिलाओं ने बताई चुनौतियां, गौरा शक्ति एप से जानें कई समाधान
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गौरा शक्ति एप पर करें शिकायतएसआई श्वेता भट्ट ने कहा कि महिलाओं को कहीं भी कोई परेशानी होती है तो वह उत्तराखंड पुलिस के गौरा शक्ति एप में शिकायत करें। उन्होंने बताया कि अभी तक एप में एक लाख 18 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। साथ ही 406 शिकायतें मिल चुकी हैं। जिनका समाधान भी कर लिया गया है।
महिलाओं को किसी भी उत्पीड़न के खिलाफ जागरूक होने की आवश्कता है। महिला सुरक्षा के लिए कई कानून बने हुए हैं। सभी महिलाओं को इन कानूनों की जानकारी होनी चाहिए, जिससे वह उत्पीड़न की शिकायत कर सकें। -एडवोकेट त्रिशला मलिक
मेरे सामने शादी के बाद कई चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। जिसके कारण कई बार सुसाइड का प्रयास किया। लेकिन, खुद के बल पर आज इन चुनौतियों से पार पा चुकी हूं। जब तक महिलाएं खुद मजबूत नहीं होंगी, तब तक उनके सामने चुनौतियां आती रहेंगी। -सुभाषिनी डिमरी
महिलाओं को हर तरह से सशक्त और मजबूत होना होगा। उनके साथ जो भी समस्या आती है, उसको सहने की बजाय उसका प्रतिकार करना होगा। अगर विरोध नहीं किया तो उनका उत्पीड़न किया जाता रहेगा। -मनीषा डिसूजा
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कामकाजी महिलाओं के सामने घर से निकलने से लेकर ऑफिस और फिर वापस घर आने तक कई चुनौतियां आती हैं। लेकिन इन चुनौतियों से भागने की बजाय अगर उनका मुकाबला किया जाए तो चुनौतियां खुद ही धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी। -नेहा गोनियाल